ब्यूरो रिपोर्ट Dilli Times Media
नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026: केंद्र सरकार में बड़े बदलाव के तहत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे अपने मौजूदा विभागों—उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा—के साथ यह जिम्मेदारी संभालेंगे।
राष्ट्रपति भवन से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, “राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत श्री धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। साथ ही, श्री प्रह्लाद जोशी, कैबिनेट मंत्री को उनके मौजूदा प्रभार के अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है।”
धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों के हित और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर चल रहे आंदोलन को ध्यान में रखते हुए अपना इस्तीफा सौंपा था। पिछले कई हफ्तों से देशभर में NEET सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का व्यापक प्रदर्शन चल रहा था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में लगभग 37 दिनों से आंदोलन हो रहा था। छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा सुधार, जवाबदेही, आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा शामिल था।
प्रह्लाद जोशी कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार पांच बार सांसद चुने जा चुके हैं। वे 2019 से 2024 तक संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री रह चुके हैं। जून 2024 से वे उपभोक्ता मामले तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे हैं।
यह नियुक्ति अतिरिक्त प्रभार के रूप में की गई है। शिक्षा मंत्रालय के पूर्णकालिक मंत्री की नियुक्ति पर आगे फैसला होने की संभावना है। सरकार ने परीक्षा सुधारों से जुड़े मुद्दों पर छात्रों के प्रतिनिधियों से चर्चा जारी रखने का संकेत दिया है।
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