कृष्णकांत निगम नई दिल्ली
24 जुलाई 2026 नई दिल्ली। देशभर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं और छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम जारी एक वीडियो संदेश में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पेपर लीक केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के वर्षों के परिश्रम, सपनों और विश्वास पर सीधा आघात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उन्हें कानून के दायरे में लाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता रही है कि किसी भी छात्र का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। इसी उद्देश्य से रिकॉर्ड समय में दोबारा परीक्षाएं आयोजित कराई गईं तथा पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए और अधिक सख्त कानूनी एवं प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि पेपर लीक की समस्या पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में विस्तृत चर्चा की जाएगी तथा संसद के मौजूदा सत्र में एक सख्त कानून लाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे परीक्षा प्रणाली से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवाओं से धैर्य और विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि उनकी सरकार छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को कानून के अनुसार कठोर दंड दिलाया जाएगा।
सरकार के इस संदेश को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों का विश्वास बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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