पटना, 22 जुलाई 2026: बिहार की राजधानी पटना में आज NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में हजारों छात्रों का प्रदर्शन उग्र रूप ले लिया। आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के नेतृत्व में निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई, जिसमें पुलिस को आंसू गैस, वॉटर कैनन और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।
घटना का विवरण
छात्र गांधी मैदान से राज भवन की ओर मार्च निकाल रहे थे। जेपी गोलंबर (JP Golambar) के पास पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोका। प्रदर्शनकारियों के बैरिकेड तोड़ने की कोशिश करने पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस ने पहले वॉटर कैनन चलाया, इसके बाद आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया, जिसके परिणामस्वरूप कई छात्र और कुछ मीडिया कर्मी घायल हो गए।
AISA कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर अत्यधिक बल प्रयोग किया, जबकि प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने और यातायात बाधित करने की कोशिश की।
छात्रों की मांगें
छात्र मुख्य रूप से NEET 2026 पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार हो रही पेपर लीक घटनाएं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।
AISA के नेताओं ने कहा, “सरकार और NTA (National Testing Agency) की लापरवाही के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। हम तब तक सड़कों पर रहेंगे जब तक जवाबदेही तय नहीं हो जाती।”
यह प्रदर्शन देशभर में NEET पेपर लीक विवाद के मद्देनजर दिल्ली के जंतर मंतर प्रदर्शन के बाद पटना में हुआ है। बिहार में पहले भी BPSC, SI और अन्य परीक्षाओं में लीक के आरोप लग चुके हैं, जिससे छात्रों में आक्रोश बढ़ा है।
प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं। घायलों का इलाज अस्पतालों में चल रहा है।
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