प्रदीप विधुड़ी नई दिल्ली| Dilli Times Media
नई दिल्ली 26 जुलाई 2026: पंजाब में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (बीएफयूएचएस) द्वारा आयोजित फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का एक बड़ा रैकेट सामने आया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि उनकी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में प्रदेश में एक भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि परीक्षा शुरू होने के महज 10 मिनट के अंदर नकल करने और करवाने वाले सभी आरोपी पकड़े गए।
19 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक फरीदकोट और फिरोजपुर समेत विभिन्न केंद्रों पर हुई इस परीक्षा में फार्मेसी ऑफिसर के करीब 454 पदों के लिए अभ्यर्थी शामिल हुए थे। पुलिस और विश्वविद्यालय की फ्लाइंग स्क्वाड की संयुक्त कार्रवाई में पता चला कि कुछ अभ्यर्थी परीक्षा हॉल के अंदर छिपे हुए पेन कैमरा (स्पाय कैमरा पेन) की मदद से प्रश्नपत्र को डिजिटली स्कैन कर व्हाट्सऐप के जरिए बाहर भेज रहे थे। बाहर बैठे गिरोह के सदस्य जवाब हल करके ब्लूटूथ और वायरलेस माइक्रो डिवाइस के माध्यम से परीक्षा केंद्र में बैठे उम्मीदवारों तक रियल-टाइम पहुंचा रहे थे।
पंजाब पुलिस के अनुसार, यह पूरा अपराध परीक्षा शुरू होने के बाद अंजाम दिया गया। प्रश्नपत्र पहले से बाहर नहीं गया था। अब तक की जांच में किसी सरकारी अधिकारी या परीक्षा प्रणाली की आंतरिक खामी का कोई सबूत नहीं मिला है। पुलिस ने 27 वायरलेस उपकरण बरामद किए हैं। गिरोह अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर 3.5 लाख से लेकर 13 लाख रुपये तक वसूल रहा था।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को सम्मानित करते हुए कहा, “सरकार बने साढ़े चार साल हो गए हैं। पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। हमें दो जगहों से नकल की रिपोर्ट मिली थी। वे ब्लूटूथ पेन से पेपर को डिजिटली स्कैन करके बाहर भेज रहे थे। उन्हें जो जवाब चाहिए थे, वे बाहर से मिल रहे थे। पेपर शुरू होने के 10 मिनट बाद अंदर नकल करने वाले और बाहर से करवाने वाले, जो एक पेपर के 3 से 5 लाख रुपये चार्ज कर रहे थे, सभी पकड़े गए। कुल 21 लोगों को जेल भेजा गया।”
पुलिस की प्रारंभिक जांच में फरीदकोट निवासी गुरमीत सिंह को इस अंतरराज्यीय रैकेट का मुख्य संचालक बताया गया है। राजस्थान और हरियाणा से जुड़े कई आरोपी भी हिरासत में लिए गए हैं। कुल मिलाकर सात मुख्य संचालकों समेत करीब 28 से 35 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विपक्षी दलों ने इस घटना को पेपर लीक बताते हुए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की है। वहीं आम आदमी पार्टी का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है। पार्टी का दावा है कि यह पेपर लीक नहीं, बल्कि परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से की गई नकल का मामला है, जिस पर त्वरित कार्रवाई की गई।
पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली सुरक्षित थी और बाहरी गिरोह ने हाईटेक उपकरणों का इस्तेमाल कर नकल का प्रयास किया था। जांच अभी जारी है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
