सुनील कुमार निगम नई दिल्ली| Dilli Times Media
नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026 – दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों के चल रहे आंदोलन के दौरान उत्तराखंड पुलिस के कांस्टेबल शेर सिंह ने CJP मंच से इस्तीफा देने का ऐलान कर सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरीं। लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए शेर सिंह को पहले से निलंबित और गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाला बताया है।
घटना का विवरण
शुक्रवार को NEET पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में शेर सिंह जंतर मंतर पहुंचे। उन्होंने CJP के मंच पर अभिजीत दीपके को पुलिस बैज सौंपते हुए अपना इस्तीफा घोषित किया और छात्र आंदोलन का खुलकर समर्थन किया। यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया।
पुलिस का आधिकारिक बयान
कुमाऊं रेंज की पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती ने कहा:
“शेर सिंह 28 जून 2026 से पिथौरागढ़ में ड्यूटी से अनुपस्थित था। 20 जुलाई को उसे सस्पेंड कर दिया गया। वह कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मीकि के साथ संगठित अपराध में लिप्त था और निर्दोष लोगों को डराकर उनकी जमीनें कब्जाने का आरोप है। पिछले साल हरिद्वार में FIR दर्ज हुई थी। 15 सितंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। फिलहाल जमानत पर बाहर है।”
IG ने आगे कहा कि शेर सिंह का यह बयान छात्र आंदोलन को उकसाने वाला है और विभाग इसके खिलाफ कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई कर रहा है।
2025 में उधम सिंह नगर (बाजपुर) में फर्जी सेल डीड और जमीन कब्जाने के मामले में FIR (केस क्राइम नंबर 65/2025) दर्ज।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2025 में अंतरिम जमानत दी थी।
बर्खास्तगी की प्रक्रिया पहले से चल रही थी।
यह घटना परीक्षा घोटालों के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच आई है। शुरू में कुछ लोगों ने शेर सिंह के कदम की सराहना की, लेकिन पुलिस के खुलासे के बाद मामला विवादास्पद बन गया
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