प्रदीप विधुड़ी नई दिल्ली| Dilli Times Media
नई दिल्ली, 28 जुलाई 2026: केंद्रीय दिल्ली के व्यस्त आईटीओ चौराहे पर सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जिसमें ट्रैफिक पुलिस के एक इंस्पेक्टर की तत्परता और उपस्थिति ने एक वकील की जान बचा ली। पटियाला हाउस कोर्ट के एडवोकेट नवनीत कुमार मोटरसाइकिल पर तिस हजारी कोर्ट से पटियाला हाउस जा रहे थे। आईटीओ सिग्नल पर पहुंचते ही उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ और वे बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े।
कामला मार्केट ट्रैफिक सर्कल में तैनात ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल बैंसला पास में ड्यूटी पर मौजूद थे। उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर वकील का हेलमेट उतारा। सांस रुकने की स्थिति देखकर उन्होंने सड़क पर ही कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) शुरू कर दिया। कुछ देर बाद नवनीत कुमार में सांस के हल्के संकेत दिखे, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ था। इंस्पेक्टर बैंसला ने उन्हें अपने आधिकारिक वाहन में बैठाकर नजदीकी लोक नायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल के आपातकालीन विभाग में पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार, यदि समय पर सीपीआर न दिया जाता या अस्पताल पहुंचने में कुछ मिनट भी देरी हो जाती, तो परिणाम घातक हो सकता था। कई घंटों के इलाज और निगरानी के बाद नवनीत कुमार की हालत स्थिर हो गई और वे अब खतरे से बाहर हैं।
दिल्ली के सभी जिला अदालत बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति ने मंगलवार को इंस्पेक्टर गोपाल बैंसला और उनकी टीम को प्रशंसा पत्र जारी कर उनकी हिम्मत, करुणा, उपस्थिति और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण की सराहना की। पत्र में कहा गया, “इंस्पेक्टर गोपाल बैंसला और उनकी टीम के समय पर हस्तक्षेप, तेज प्रतिक्रिया और मानवीय दृष्टिकोण ने एक अनमोल जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाई। उनका निस्वार्थ सेवा दिल्ली पुलिस की सर्वोत्तम परंपराओं का उदाहरण है।”
समिति के महासचिव विजय बिश्नोई द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में कहा गया कि ऐसी घटनाएं पुलिस बल में विश्वास जगाती हैं और जनसेवा, समर्पण तथा मानव जीवन की रक्षा के मूल्यों को मजबूत करती हैं।
यह घटना व्यस्त यातायात के बीच वर्दीधारी कर्मियों की संवेदनशीलता और तत्परता का जीवंत प्रमाण है। दिल्ली पुलिस के इस सकारात्मक कदम की सोशल मीडिया और कानूनी समुदाय में व्यापक सराहना हो रही है।
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