20 जुलाई नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित जनसभा के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए बड़े आंदोलन का आह्वान किया। उन्होंने दावा किया कि देश के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होने जा रहा है और इसमें देशभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं।
अपने संबोधन में अभिजीत दिपके ने कहा कि पिछले 10–12 वर्षों से देश में लोकतंत्र को समाप्त करने की कोशिशें की जा रही हैं। उनका कहना था कि जंतर-मंतर पर एक महीने तक चले धरने और आंदोलन ने लोकतंत्र को फिर से जीवंत करने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि जब वह अमेरिका में थे, तब लोगों का मानना था कि यह आंदोलन केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहेगा और कोई भी सड़कों पर नहीं उतरेगा। लेकिन आज जंतर-मंतर की ओर जाने वाली चारों सड़कें प्रदर्शनकारियों से भरी हुई हैं, जो इस आंदोलन के प्रति लोगों के व्यापक समर्थन को दर्शाती हैं।
अभिजीत दिपके ने आगे कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं और उनका उद्देश्य लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संसद तक मार्च करना है। उन्होंने कहा, “संसद जाने से हमें कोई नहीं रोक सकता।”
हालांकि, इस बयान पर सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, संसद मार्च और प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा पुलिस और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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