4 जुलाई 2026 नई दिल्ली: संसद का बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है।
संसदीय परंपरा के अनुसार मानसून सत्र की शुरुआत लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। इसके बाद दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा, जिस पर विस्तृत चर्चा होगी। इस दौरान सरकार अपनी नीतियों और आगामी विधायी एजेंडे को भी सदन के समक्ष रखेगी।
करीब तीन सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद से पारित कराने का प्रयास करेगी। साथ ही विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े मुद्दों, जनहित के विषयों, प्रश्नकाल, शून्यकाल तथा अन्य संसदीय कार्यों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष भी महंगाई, बेरोजगारी, आंतरिक सुरक्षा, कृषि, आर्थिक स्थिति और अन्य समसामयिक मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में इस बार का संसद सत्र राजनीतिक और विधायी दोनों दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
देश की राजनीतिक निगाहें अब 20 जुलाई से शुरू होने वाले इस सत्र पर टिकी हैं, जहां सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगी, जबकि विपक्ष विभिन्न जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति के साथ सदन में उतरेगा।
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