नई दिल्ली | 4 जुलाई 2026
देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मारुति सुज़ुकी ने बड़ा बयान दिया है। कंपनी का कहना है कि E10 के लिए डिजाइन किए गए पुराने वाहनों पर भी E20 पेट्रोल का व्यापक परीक्षण किया गया और जांच में इंजन, फ्यूल सिस्टम या अन्य महत्वपूर्ण पार्ट्स को लेकर कोई चिंता की बात सामने नहीं आई।
नई दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मारुति सुज़ुकी के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी ने E10 वाहनों को E20 पेट्रोल पर विभिन्न तकनीकी मानकों के आधार पर टेस्ट किया। इन परीक्षणों में इंजन की कार्यक्षमता, घिसावट, जंग (Corrosion) और पार्ट्स की लाइफ जैसे पहलुओं की जांच की गई, लेकिन किसी भी तरह का असामान्य नुकसान नहीं मिला।
कंपनी ने यह भी दावा किया कि पिछले दो वर्षों में सर्विस सेंटरों पर आए 1.5 करोड़ से अधिक पुराने वाहनों के डेटा की समीक्षा में भी E20 पेट्रोल से जुड़े किसी बड़े नुकसान का प्रमाण नहीं मिला। हालांकि, अधिकारियों ने स्वीकार किया कि E20 पेट्रोल के उपयोग से माइलेज में लगभग 3 से 3.5 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है, क्योंकि इसमें एथेनॉल की मात्रा अधिक होती है।
ऑटोमोबाइल उद्योग के अन्य विशेषज्ञों ने भी कहा कि E20 पेट्रोल को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है और इसके पीछे वर्षों का वैज्ञानिक परीक्षण और तकनीकी अध्ययन है। उनके अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
फिलहाल सरकार और वाहन निर्माता कंपनियां उपभोक्ताओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और वाहन निर्माता द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील कर रही हैं। E20 पेट्रोल को देश में ईंधन आयात पर निर्भरता कम करने और कार्बन उत्सर्जन घटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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