प्रधानमंत्री मोदी ने हैंडलूम डे पर वीडियो जारी कर स्वदेशी अपनाने और बुनकरों के समर्थन की अपील की

दिल्ली राष्ट्रीय लाइफस्टाइल

ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली| Dilli Times Media

नई दिल्ली, 7 अगस्त 2026: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से हैंडलूम उत्पादों को अपनाने और बुनकर परिवारों का समर्थन करने की अपील की है। प्रधानमंत्री ने 6 अगस्त की शाम को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने स्वदेशी आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को याद दिलाते हुए युवाओं और आम नागरिकों से सीधा संवाद किया।
वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा कि 7 अगस्त 1905 को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी, जिसने देश की आजादी की लड़ाई को मजबूती दी और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी। उन्होंने पिछले सप्ताह मनाए गए फ्रेंडशिप डे का जिक्र करते हुए कहा, “जैसे आपने फ्रेंडशिप डे बड़े उत्साह से मनाया, उसी जोश और उमंग के साथ हैंडलूम डे भी मनाएं।”
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि हैंडलूम डे मनाने का असली अर्थ उन लाखों बुनकर परिवारों का सम्मान और आर्थिक सहयोग है, जो अपने घरों में छोटे-छोटे लूम पर हाथ से खूबसूरत कपड़े बनाते हैं। उन्होंने देशवासियों से अनुरोध किया कि कम से कम एक हैंडलूम उत्पाद जरूर खरीदें और अपने पसंदीदा हैंडलूम परिधानों के साथ ‘Get Ready With Me’ (GRWM) वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर #NationalHandloomDay हैशटैग के साथ साझा करें। इससे बुनकरों का उत्साह बढ़ेगा और भारत की हैंडलूम विविधता वैश्विक स्तर पर पहुंचेगी।
7 अगस्त को जारी एक अन्य संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, “आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर हम भारत की समृद्ध हैंडलूम विरासत का उत्सव मनाते हैं। हम अपने बुनकरों और कारीगरों के कौशल, रचनात्मकता और समर्पण को सलाम करते हैं। हमारी सरकार हैंडलूम सेक्टर का समर्थन जारी रखेगी, जो ग्रामीण सशक्तिकरण, महिला-नेतृत्व वाले विकास और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने का महत्वपूर्ण आधार है।”
गौरतलब है कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर साल 7 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन 1905 के स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में वर्ष 2015 से मनाया जा रहा है। पहला राष्ट्रीय हथकरघा दिवस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अगस्त 2015 को चेन्नई में उद्घाटित किया था। भारत का हैंडलूम क्षेत्र कृषि के बाद सबसे बड़े रोजगार देने वाले क्षेत्रों में से एक है, जिसमें 35 लाख से अधिक कारीगर जुड़े हैं और इनमें 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।
प्रधानमंत्री के इस आह्वान से हैंडलूम उत्पादों की मांग बढ़ाने और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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