ब्यूरो रिपोर्ट | Dilli Times Media
नई दिल्ली 30 जुलाई 2026: भारत के पैरा एथलीट दिलीप महादु गावित ने ग्लासगो में चल रहे 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों की 100 मीटर टी-47 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने 10.71 सेकंड का समय निकालकर गेम्स रिकॉर्ड बनाया और भारत को इस आयोजन का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया।
इस स्पर्धा में भारत का दबदबा रहा। दिलीप के साथी मोहम्मद बेसिल ने 10.83 सेकंड के समय के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया। इससे भारत को इस इवेंट में ऐतिहासिक 1-2 फिनिश मिला। दिलीप महादु गावित कॉमनवेल्थ गेम्स के एथलेटिक्स में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष पैरा एथलीट बन गए हैं।
दिलीप की प्रेरणादायक कहानी
23 वर्षीय दिलीप महाराष्ट्र के नासिक जिले के तोरण डोंगरी गांव के रहने वाले हैं। वे साधारण किसान परिवार से आते हैं। बचपन में महज 5-6 साल की उम्र में पेड़ से गिरने के कारण उनके दाहिने हाथ में गंभीर चोट लग गई थी। उचित इलाज न मिलने से गैंगरीन हो गया और कोहनी के नीचे हाथ काटना पड़ा।
इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। गांव की धूल भरी सड़कों पर दौड़ने की उनकी प्रतिभा को कोच वैजनाथ काले ने पहचाना। काले ने नासिक में उन्हें प्रशिक्षित किया और उनके खर्चों का भी ध्यान रखा। दिलीप पहले 400 मीटर टी-47 के विशेषज्ञ थे और 2022 एशियन पैरा गेम्स में इस इवेंट में गोल्ड जीत चुके हैं। इस बार 400 मीटर स्पर्धा न होने के कारण उन्होंने 100 मीटर में हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन किया।
भारत का मेडल टैली
इस जीत के बाद भारत के पास कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुल 15 मेडल हो गए हैं, जिनमें 3 गोल्ड, 9 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इससे पहले शर्मिला धनकर ने पैरा एथलेटिक्स में भारत का पहला गोल्ड जीता था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने दिलीप और बेसिल को बधाई दी है। दिलीप ने गुरु पूर्णिमा के दिन यह मेडल अपने कोच वैजनाथ काले को समर्पित करते हुए कहा कि यह उनके गुरु का उपहार है।
यह उपलब्धि भारतीय पैरा-स्पोर्ट्स के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है।
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