ब्यूरो रिपोर्ट|Dilli Times Media
30 जुलाई 2026 : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक जघन्य घटना सामने आई है। जिला अस्पताल से अपनी बड़ी बहन को खाना देकर लौट रही 10 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर हत्या कर दी गई। आरोपी यूपी पुलिस का कांस्टेबल अभिषेक यादव है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली है। उसके पिता पिछले कुछ वर्षों से गोरखपुर में परिवार के साथ रहकर ई-रिक्शा चलाते हैं। 27 जुलाई को परिवार की बड़ी बेटी की तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे 10 वर्षीय बच्ची अपनी बड़ी बहन के लिए खाना लेकर अस्पताल पहुंची। खाना खिलाने के बाद रात करीब नौ बजे वह घर लौटने निकली, लेकिन वापस नहीं पहुंची।
अस्पताल परिसर में पुलिस की वर्दी पहने एक युवक दोनों बहनों से बातचीत करता दिखा। उसने घर छोड़ने का झांसा दिया। बड़ी बहन के मना करने के बावजूद आरोपी छोटी बच्ची को साथ ले गया। देर रात तक बच्ची के घर न पहुंचने पर परिवार ने तलाश शुरू की और बुधवार सुबह अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस ने जिला अस्पताल से लेकर शहर के विभिन्न मार्गों पर लगे करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में बच्ची को बाइक पर ले जाते युवक की पहचान डायल-112 में तैनात गाजीपुर निवासी सिपाही अभिषेक यादव के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। उसने बताया कि वह बच्ची को चिउटहा पुल के पास एक टिनशेड कमरे में ले गया, जब बच्ची ने शोर मचाने की कोशिश की तो उसने गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को नदी में फेंक दिया।
बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे चिउटहा पुल के पास से शव बरामद हुआ। पुलिस ने टिनशेड से बच्ची की चप्पल भी बरामद की है। फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि आरोपी पर पहले भी युवती से छेड़खानी का मामला दर्ज था, जिसके चलते वह निलंबित रहा था। सितंबर 2025 में उसकी बहाली हुई थी। बंगाल की एक युवती से जुड़े दुष्कर्म और जालसाजी के मामले में वह पहले जेल भी जा चुका था।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
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