नई दिल्ली, 27 जुलाई 2026 | राजधानी दिल्ली के ईस्टर्न सिटी सेंटर, कड़कड़डूमा कोर्ट के समीप 28वें चातुर्मास (वर्षायोग) के शुभारंभ अवसर पर राष्ट्रसंत परम पूज्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज (ससंघ) के पावन सान्निध्य में मंगल कलश स्थापना समारोह का भव्य आयोजन किया गया। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत इस आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर धार्मिक अनुष्ठानों का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा कहा कि संत समाज का मार्गदर्शन भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन समाज में सेवा, संस्कार और सद्भाव की भावना को बढ़ावा देते हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान वैदिक एवं जैन परंपराओं के अनुरूप विधि-विधान से मंगल कलश स्थापना संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा एवं भक्ति भाव से धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति, संयम और आध्यात्मिक वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के प्रेरणादायी प्रवचनों का श्रवण कर धर्म, संयम, सेवा और आत्मकल्याण के संदेश को आत्मसात किया।
समारोह में समाज के अनेक गणमान्य नागरिक, विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालु भी उपस्थित रहे। आयोजन के सफल संचालन और व्यवस्थाओं की सभी उपस्थित जनों ने सराहना की।
28वें चातुर्मास के शुभारंभ का प्रतीक बना यह आयोजन धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता का प्रेरणादायी उदाहरण रहा। श्रद्धालुओं ने विश्वास व्यक्त किया कि आचार्य श्री के सान्निध्य में आयोजित चातुर्मास समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक जागरण और मानवीय संवेदनाओं को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
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