नीतीश बंसल नई दिल्ली|दिल्ली टाइम्स मीडिया
नई दिल्ली 24 जुलाई 2026 — केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने NEET-UG 2024 प्रश्न पत्र लीक मामले में बिहार के विवादास्पद नाम संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया को क्लीनचिट दे दी है। CBI ने कहा कि पेपर की चोरी या उसके वितरण में मुखिया की कोई भूमिका साबित नहीं हुई।
CBI की आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, “जांच के दौरान संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया के NEET-UG 2024 प्रश्न पत्र की चोरी या वितरण में शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला। इसलिए उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की गई।” एजेंसी ने स्पष्ट किया कि बिहार पुलिस की प्रारंभिक FIR में मुखिया को संदिग्ध के रूप में नामित किया गया था, लेकिन विस्तृत जांच में यह आशंका सही नहीं पाई गई।
मामला क्या था?
NEET-UG 2024 परीक्षा के दिन 5 मई 2024 को बिहार पुलिस को पेपर लीक की जानकारी मिली थी। पटना और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी इस घटना की जांच बाद में CBI को सौंपी गई। CBI ने अब तक 45 आरोपियों के खिलाफ कई चार्जशीट दाखिल की हैं, जिसमें पेपर चोरी करने वाले, सॉल्वर्स (MBBS छात्र), मध्यस्थ और लाभ उठाने वाले छात्र शामिल हैं। एजेंसी ने 144 से 155 तक छात्रों को लीक का प्रत्यक्ष लाभार्थी बताया है।
CBI ने जांच में पूरी साजिश का खुलासा करने का दावा किया है और कहा कि कोई भी मुख्य कड़ी छूट नहीं गई है।
संजीव मुखिया का बैकग्राउंड
संजीव मुखिया, नालंदा जिले के नागरनौसा गांव के निवासी, पिछले दो दशकों से परीक्षा पेपर लीक से जुड़े मामलों में चर्चा में रहे हैं। उन्होंने पहले नूर्सराय हॉर्टिकल्चर कॉलेज में टेक्निकल असिस्टेंट के रूप में काम किया था। उनके नाम पर BPSC Constable Recruitment 2016, बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा, UP Police Constable परीक्षा और हरियाणा की कई भर्ती परीक्षाओं समेत कई बड़े लीक के मामले दर्ज हैं।
उनके बेटे शिव कुमार (डॉक्टर) भी अलग पेपर लीक मामले में जेल में हैं। मुखिया की गिरफ्तारी 2025 में बिहार की आर्थिक अपराध शाखा (EOU) ने की थी। NEET मामले में उन्हें बाद में बेल मिल गई, लेकिन वे अन्य मामलों में अभी भी हिरासत में हैं।
CBI का स्पष्टीकरण
CBI ने साफ किया कि मुखिया को NEET मामले में जानबूझकर छोड़ा गया, ऐसा कोई दावा “तथ्यात्मक रूप से गलत” है। एजेंसी ने कहा कि मुखिया अन्य मामलों में फरार थे, लेकिन NEET की साजिश में उनका सीधा लिंक नहीं पाया गया।
यह विकास NEET-UG 2024 विवाद को लेकर चली लंबी बहस के बीच आया है, जिसमें परीक्षा की निष्पक्षता, NTA की तैयारियों और बड़े पैमाने पर माफिया नेटवर्क पर सवाल उठे थे। सुप्रीम कोर्ट समेत विभिन्न अदालतों में भी इस मामले की सुनवाई हुई थी।
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि हालांकि मुखिया को इस मामले में क्लीनचिट मिल गई है, लेकिन परीक्षा प्रणाली में गहरी कमजोरियों को दूर करने की जरूरत है। CBI की जांच जारी है और अगर नया सबूत मिला तो पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
मामले पर नजर रखे हुए अभ्यर्थी और अभिभावक अब उम्मीद कर रहे हैं कि बाकी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।
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