नई दिल्ली: चर्चित केतन अग्रवाल केस में अब एक नया कानूनी विवाद सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल की ओर से पैरवी करने का दावा करने वाले अधिवक्ता ने सिया के भाई साहिल गोयल को ₹10 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है। यह विवाद कानूनी प्रतिनिधित्व को लेकर उठे सवालों के बाद चर्चा में आया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साहिल गोयल ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उनके परिवार ने संबंधित अधिवक्ता को सिया गोयल की तरफ से केस लड़ने के लिए अधिकृत नहीं किया है। इसके बाद वकील की ओर से दावा किया गया कि उनके पास आवश्यक कानूनी दस्तावेज मौजूद हैं और प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की गई है।
मानहानि नोटिस में आरोप लगाया गया कि सार्वजनिक बयानों से वकील की पेशेवर छवि को नुकसान पहुंचा है और लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी है। नोटिस में कथित नुकसान की भरपाई और सार्वजनिक स्पष्टीकरण की मांग की गई है।
दूसरी ओर, परिवार की ओर से कहा गया कि संबंधित वकील को अधिकृत नहीं किया गया था और परिवार अपनी ओर से अलग कानूनी प्रतिनिधित्व की प्रक्रिया अपना रहा है। इसी दावे के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब मूल मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। अब इस विवाद ने केस को एक नया कानूनी आयाम दे दिया है। फिलहाल मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है और सभी पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं।
केतन अग्रवाल केस अब केवल मुख्य जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानूनी प्रतिनिधित्व और मानहानि विवाद के कारण नया मोड़ ले चुका है। आने वाले दिनों में अदालत और संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।
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