सोशल मीडिया विवाद में बर्तन व्यापारी की हत्या, मंत्री ने KGMU में दिया धरना; तीन आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश क्राइम

ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM

परिजनों का आरोप—पहले शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई; थानाध्यक्ष व चौकी प्रभारी निलंबित

11 सितंबर 2026 लखनऊ/गोंडा: गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र के रेक्सड़िया निवासी 45 वर्षीय बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की बुधवार रात जानलेवा हमले में घायल होने के बाद गुरुवार दोपहर लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। घटना के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया। कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर परिजनों के साथ धरने पर बैठ गए, जबकि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस के अनुसार विनोद साहनी शाहपुर बाजार में बर्तन की दुकान चलाते थे। बुधवार शाम दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे कि शाहपुर धनोवा के पास कई बाइकों पर आए लगभग आठ-दस लोगों ने उन्हें घेर लिया। प्रारंभिक शिकायत में धारदार हथियारों से हमले का उल्लेख था। गंभीर हालत में उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फिर गोंडा मेडिकल कॉलेज और बाद में KGMU भेजा गया, जहां गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे उनकी मृत्यु हो गई।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद
अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) राधेश्याम राय और पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा के अनुसार प्रारंभिक जांच में आरोपी पक्ष और मृतक के बीच सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर रंजिश सामने आई है। पुलिस का कहना है कि विनोद साहनी सोशल मीडिया पर निषाद समुदाय से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय थे। कुछ रिपोर्टों में उनके अंतिम पोस्ट में साध्वी निरंजन ज्योति और अयोध्या के राजू दास का जिक्र बताया गया है। बाद में पुलिस ने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम में गोली या धारदार हथियार के घाव नहीं मिले और हमला लाठी-डंडों से हुआ। हथियार और चोट की प्रकृति की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने पर होगी।

FIR, गिरफ्तारी और विभागीय कार्रवाई
मृतक की तहरीर के आधार पर शुभम सिंह उर्फ गोलू, आकाश सिंह और सुभाष सिंह समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ पहले जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज की गई। मृत्यु के बाद हत्या की धारा जोड़ी गई। पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शेष आरोपियों की तलाश में टीमें तैनात हैं।

परिजनों का आरोप है कि हमले के बाद थाने और चौकी पर तत्काल सुनवाई नहीं हुई। मंत्री संजय निषाद ने परसपुर थानाध्यक्ष, शाहपुर चौकी प्रभारी और संबंधित कर्मियों की बर्खास्तगी की मांग की। इसके बाद परसपुर थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी, शाहपुर चौकी प्रभारी अंकित सिंह और बीट आरक्षी अभिमन्यु भारती को निलंबित कर दिया गया। एसपी ने थाना और चौकी के प्रभारियों का रात में फेरबदल भी किया।

मंत्री का धरना, विपक्ष की मांग
डॉ. संजय निषाद ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो गोंडा में एसपी कार्यालय और आवास का घेराव किया जाएगा। धरने में निषाद पार्टी के अलावा वीआईपी पार्टी के मुकेश साहनी और सपा पिछड़ा प्रकोष्ठ के राजपाल कश्यप भी शामिल रहे।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि गोंडा में सपा से जुड़े बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की हत्या की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने प्रदेश में अपराध और अराजकता का आरोप लगाते हुए पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए।

गोंडा पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता के अनुरूप जांच चल रही है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। क्षेत्र में तनाव की आशंका को देखते हुए करनैलगंज चौराहे पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

नोट: यह लेख समाचारों, पुलिस बयानों और राजनीतिक नेताओं के सार्वजनिक वक्तव्यों पर आधारित है। हथियार, मंशा और लापरवाही के आरोप जांच के विषय हैं।

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