ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|Dilli Times Media
मथुरा, 18 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक अवैध पनीर निर्माण इकाई पर छापा मारा। छाता तहसील के थाना शेरगढ़ क्षेत्र के हुसैनी गांव में हुई इस कार्रवाई में लगभग 500 किलोग्राम दूषित पनीर और 2,000 लीटर संदिग्ध दूध को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। नष्ट किए गए माल की अनुमानित कीमत करीब 2.30 लाख रुपये बताई जा रही है।
सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. जतिन कुमार सिंह के निर्देशन और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के.के. त्रिपाठी के नेतृत्व में हुई छापेमारी के दौरान टीम को पनीर बनाने में गैर-दुग्ध सामग्री और खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल होने के सबूत मिले। मौके से 80 किलोग्राम रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, 20 किलोग्राम टीनोपाल (Tinopal) केमिकल, 12 किलोग्राम सोडियम हाइड्रोसल्फेट (रंगकाट), स्किम्ड मिल्क पाउडर और सोयाबीन बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, इन पदार्थों का प्रयोग पनीर को सफेद और चमकदार बनाने के लिए किया जा रहा था।
टीम ने पनीर के दो, दूध के दो तथा अन्य सामग्री के नमूनों सहित कुल नौ सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। खाद्य कारोबारकर्ता के खिलाफ थाना शेरगढ़ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए पूरे जिले में मिलावटी डेयरी उत्पादों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई को उसी श्रृंखला की कड़ी माना जा रहा है। लैब रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला उन कई घटनाओं में से एक है, जहां मथुरा और आसपास के क्षेत्रों में हाल के दिनों में नकली पनीर और मिलावटी दूध बनाने वाली इकाइयों पर कार्रवाई हुई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और जन स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
नोट: उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि दूध, पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद विश्वसनीय एवं लाइसेंसशुदा स्रोतों से ही खरीदें। किसी भी संदेह की स्थिति में खाद्य सुरक्षा हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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