10 जुलाई 2026 भोपाल: मध्य प्रदेश में एथेनॉल उत्पादन के नाम पर सरकारी फोर्टिफाइड चावल के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में आरोप है कि कुछ एथेनॉल प्लांट संचालकों ने सरकार से लगभग 2,320 रुपये प्रति क्विंटल की दर से फोर्टिफाइड चावल खरीदा, लेकिन उसे एथेनॉल उत्पादन में उपयोग करने के बजाय करीब 2,800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव राइस मिलों को बेच दिया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, सरकारी गोदामों से एथेनॉल प्लांट के लिए भेजे गए कई ट्रक चावल निर्धारित स्थान पर पहुंचे ही नहीं। जांच के दौरान पता चला कि यह चावल विभिन्न राइस मिलों तक पहुंचा, जिससे सरकारी योजना के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका गहरा गई है।
मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। संबंधित विभाग और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं ताकि इस कथित घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने लाई जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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