ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM
नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश में तबादलों को लेकर एक IAS नेहा मारव्या सिंह ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों के बीच एक संदेश साझा किया है। संदेश में अधिकारी ने बार-बार हो रहे तबादलों और विभागीय स्तर पर कथित दबाव को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अधिकारी ने 5 सितंबर 2026 की तबादला सूची का जिक्र करते हुए कहा कि सूची में एक बार फिर उनका नाम शामिल है। उन्होंने लिखा कि एक साल के भीतर यह चौथी बार है, जब उनका नाम तबादला सूची में आया है। अधिकारी के मुताबिक, वर्तमान पद पर ज्वाइन करने के महज 50 दिन के भीतर ही उनका तबादला किया जा रहा है।
अधीनस्थों पर गंभीर आरोप
अपने संदेश में IAS अधिकारी ने आरोप लगाया कि विभाग के कुछ अधीनस्थ कर्मचारियों ने उनके खिलाफ कथित तौर पर “मुटिनी” यानी सामूहिक विरोध जैसी स्थिति पैदा की। उन्होंने दावा किया कि कुछ अधीनस्थ उनकी जगह विभाग के साथ अधिक जुड़े हुए हैं और उनके खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके अधीनस्थों ने उनकी मेज पर धमकाने वाले अंदाज में व्यवहार किया और तबादला कराने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अवज्ञा, फाइलें रोकने और विभाग में अपने साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायत उचित माध्यम से की थी और उम्मीद थी कि मामले में कार्रवाई होगी, लेकिन इसके बजाय उनका ही तबादला कर दिया गया।
‘क्या IAS अधिकारी इतना कमजोर है?’
अधिकारी ने सवाल उठाते हुए लिखा कि यदि अधीनस्थ कर्मचारी संगठित होकर किसी अधिकारी का तबादला करा सकते हैं, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था में क्या संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी को किसी नए पद पर काम समझने और व्यवस्था को जानने में समय लगता है, लेकिन उन्हें बार-बार बेहद कम अवधि में स्थानांतरित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल अक्सर 2-3 महीने तक सीमित रह जाते हैं और जब तक वह अपनी जिम्मेदारियों और काम को समझ पाती हैं, तब तक उन्हें हटा दिया जाता है।
‘सिस्टम ने मुझे विफल किया’
IAS अधिकारी ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने लंबे समय तक किनारे किए जाने और काम नहीं दिए जाने के बावजूद धैर्य बनाए रखा, लेकिन अब स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि यदि वह अधीनस्थों के अनुसार काम नहीं करतीं तो उन्हें आसानी से निशाना बनाया जा सकता है।

संदेश के अंत में अधिकारी ने लिखा, “हमेशा साजिश करने वाले जीतते हैं और मैं हार जाती हूं। सिस्टम ने मुझे विफल किया है। आज मैं हूं, कल कोई दूसरा IAS अधिकारी निशाना होगा।”
नोट-हालांकि, वायरल हो रहे इस संदेश के आधार पर अधिकारी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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