संजीव कुमार भाटी ग्रेटर नोएडा|DTM
2 सितंबर 2026 ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को गोल्डन ऑवर में उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘संजीवनी बूटी मिशन’ की पहल की गई है। हेलमेट मैन ऑफ इंडिया राघवेंद्र कुमार की टीम ने बुधवार को यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा शुरू करने के लिए अनुमति और प्रशासनिक सहयोग की मांग की।
टीम का कहना है कि इस मिशन के लिए सरकार से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मांगी जा रही है। उद्देश्य सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना ऐसी आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था तैयार करना है, जिसके जरिए दुर्घटना के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को कम से कम समय में अस्पताल पहुंचाया जा सके।
ज्ञापन प्राप्त करते हुए यमुना प्राधिकरण के अधिकारी एवं IAS शैलेंद्र सिंह ने पहल को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि जन्मदिन के अवसर पर इस तरह के जनहितकारी मिशन से जुड़ना उनके लिए खुशी की बात है। उन्होंने बताया कि कोविड के बाद से सड़क दुर्घटनाओं में सहायता से संबंधित कॉल लगातार आती रही हैं और कई बार समय पर मदद पहुंचाना चुनौती बन जाता है।
₹1 प्रति वाहन से संचालन का प्रस्ताव
मिशन की कार्ययोजना के अनुसार हेलीकॉप्टर की उपलब्धता EMSOS Pvt. Ltd. के माध्यम से कराए जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन के टोल से केवल ₹1 प्राप्त करने की योजना बताई गई है। टीम के अनुसार इसके अलावा वाहन चालकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
हेलीकॉप्टर सेवा के संचालन, हेलीपैड और DGCA से संबंधित ग्राउंड तैयारियों की तकनीकी व्यवस्था में भारतीय सेना में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके कर्नल मोहित गौण सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह सैनिक सीमाओं की रक्षा करते हैं, उसी तरह अब सड़कों पर दुर्घटनाओं के खिलाफ भी प्रभावी लड़ाई की जरूरत है। आम लोगों को मात्र ₹1 के माध्यम से हेलीकॉप्टर आपातकालीन सेवा उपलब्ध कराने की पहल को उन्होंने गौरव का विषय बताया।
25 वर्षों का एविएशन अनुभव, 5 हजार से अधिक रेस्क्यू ऑपरेशन
प्राधिकरण के समक्ष हेलीकॉप्टर संचालन और एविएशन से जुड़ी तकनीकी जानकारी डॉ. नवनीत ने प्रस्तुत की। टीम के अनुसार एविएशन इंडस्ट्री में करीब 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. नवनीत भारत समेत दुनिया के विभिन्न देशों में कठिन परिस्थितियों में 5,000 से अधिक लोगों के रेस्क्यू ऑपरेशन में योगदान दे चुके हैं।
प्रस्ताव में दुर्घटना-प्रवण स्थानों की पहचान, हेलीकॉप्टर की उपलब्धता, घटनास्थल पर लैंडिंग की व्यवस्था, ग्राउंड सपोर्ट और घायल को अस्पताल तक पहुंचाने की पूरी ऑपरेशनल प्रक्रिया का खाका प्रस्तुत किया गया।
‘हर सेकंड महत्वपूर्ण’
‘संजीवनी बूटी मिशन’ का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। टीम का कहना है कि यमुना एक्सप्रेसवे जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर कई बार सड़क मार्ग से अस्पताल पहुंचने में लगने वाला समय घायल की स्थिति को गंभीर बना सकता है।
हेलमेट मैन ऑफ इंडिया राघवेंद्र कुमार ने कहा कि मिशन के लिए सरकार से ₹1 भी आर्थिक सहायता नहीं चाहिए। जरूरत केवल अनुमति और प्रशासनिक सहयोग की है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर घटनास्थल तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा, “लक्ष्य सिर्फ एक है—हादसा होने के बाद समय बर्बाद नहीं होना चाहिए, क्योंकि हर सेकंड किसी की जिंदगी बचा सकता है।”
ज्ञापन सौंपने के दौरान पवन द्विवेदी, सिद्धि विनायक, श्रेया सिंह, ओमप्रकाश, नंद किशोर सहित टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे। टीम ने उम्मीद जताई कि प्राधिकरण के सहयोग से इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाकर यमुना एक्सप्रेसवे पर एक प्रभावी एयर एंबुलेंस और आपातकालीन रेस्क्यू सिस्टम विकसित किया जा सकेगा।
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