ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM
नई दिल्ली | 3 सितंबर 2026: दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में सरकार ने एक और कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को तेहखंड स्थित डीटीसी डिपो में स्वचालित परीक्षण स्टेशन (ATS) और इलेक्ट्रिक चार्जिंग सुविधाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने 50 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर डीटीसी बेड़े में शामिल किया।
नई ईवी बसें लो-फ्लोर एसी बसें हैं, जिनमें यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए CCTV कैमरे, GPS ट्रैकिंग और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। सरकार के अनुसार, इन बसों के संचालन से सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के साथ-साथ वाहन प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
डिजिटल तकनीक से होगी वाहनों की फिटनेस जांच
तेहखंड में शुरू किए गए स्वचालित परीक्षण स्टेशन (ATS) के जरिए वाहनों की फिटनेस और तकनीकी मानकों की जांच डिजिटल एवं पारदर्शी तरीके से की जाएगी। यहां वाहनों के उत्सर्जन, ब्रेक, सस्पेंशन और अन्य तकनीकी मानकों की जांच स्वचालित प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण की समस्या का समाधान केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने से होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए जिन कार्यों की जरूरत थी, उन्हें अब सरकार प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है।
हसनपुर और गाजीपुर में भी EV चार्जिंग स्टेशन
कार्यक्रम के दौरान हसनपुर और गाजीपुर डिपो में दो सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशनों का भी उद्घाटन किया गया। इन सुविधाओं के शुरू होने से दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा कार्यक्रम में दिल्ली-रेवाड़ी अंतरराज्यीय बस सेवा की भी शुरुआत की गई, जिससे दिल्ली और हरियाणा के बीच सार्वजनिक परिवहन संपर्क को और बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई ईवी बसों, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक टेस्टिंग स्टेशनों से दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। सरकार का जोर प्रदूषण नियंत्रण के साथ सुरक्षित, सुविधाजनक और तकनीक आधारित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
