ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM
बैरिकेडिंग कर चप्पे-चप्पे पर निगरानी, दिल्ली पुलिस और BSF के जवान तैनात; BNSS की धारा 163 लागू
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2026: चुनाव आयोग के खिलाफ CJP की ओर से विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बाद दिल्ली-नोएडा सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। चिल्ला बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की सघन जांच की जा रही है। एहतियात के तौर पर दिल्ली पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है। वहीं, सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
चिल्ला बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जा रहा है। बॉर्डर पर बैरिकेड लगाए जाने और जांच प्रक्रिया के चलते यातायात की रफ्तार प्रभावित होने की आशंका है। प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
धारा 163 लागू, प्रशासन सतर्क
दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है। इस धारा के तहत सक्षम प्राधिकारी के आदेश से सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। ऐसे में प्रदर्शन और लोगों के जमावड़े को लेकर प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। हालांकि, प्रतिबंधों का सटीक दायरा संबंधित आधिकारिक आदेश के अनुसार निर्धारित होगा।
बॉर्डर पर निगरानी, वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह
दिल्ली और नोएडा के बीच चिल्ला बॉर्डर प्रमुख आवागमन मार्गों में शामिल है। यहां जांच बढ़ने से कार्यालय जाने वाले लोगों और अन्य यात्रियों को अतिरिक्त समय लग सकता है। वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले यातायात की स्थिति की जानकारी लें और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक मार्गों पर विचार करें।
CJP के प्रदर्शन के आह्वान के बीच बॉर्डर पर सुरक्षा बलों की तैनाती, बैरिकेडिंग और निगरानी व्यवस्था के जरिए स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारी सुनिश्चित करना है।
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