संजीव कुमार भाटी ग्रेटर नोएडा|DTM
ग्रेटर नोएडा, 3 सितंबर 2026: ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में शहर के औद्योगिक विकास, श्रमिकों के आवास, शिक्षा और सड़क कनेक्टिविटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में अप्रवासी श्रमिकों के लिए ईडब्ल्यूएस आवास और ट्रांजिट लेबर हॉस्टल, सेक्टर अल्फा-1 में सार्वजनिक पुस्तकालय तथा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से बेहतर कनेक्टिविटी के प्रस्तावों पर सहमति बनी।
पतवाड़ी और बिरौंडी में बनेंगे ईडब्ल्यूएस फ्लैट
औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में काम करने वाले अप्रवासी श्रमिकों को बेहतर और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकरण ने पतवाड़ी और बिरौंडी गांव में ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाने का निर्णय लिया है। प्राधिकरण के मुताबिक इन परियोजनाओं के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इसी वर्ष के अंत तक निर्माण शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस पहल का उद्देश्य दूसरे जनपदों और राज्यों से रोजगार की तलाश में ग्रेटर नोएडा आने वाले निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को सुविधाजनक एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।
ईकोटेक-6 और 11 में ट्रांजिट लेबर हॉस्टल
रोजगार की तलाश में ग्रेटर नोएडा आने वाले श्रमिकों के लिए ट्रांजिट लेबर हॉस्टल की व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई है। इसके लिए ईकोटेक-06 और ईकोटेक-11 में 3,000-3,000 वर्ग मीटर भूमि चिन्हित की गई है।
प्राधिकरण यह भूमि श्रम विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करेगा, जबकि हॉस्टल का निर्माण श्रम विभाग द्वारा किया जाएगा। इससे श्रमिकों को कम किराये पर रहने की सुविधा मिलने के साथ रोजगार की तलाश के दौरान अस्थायी आवास की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
अल्फा-1 में बनेगी आधुनिक पब्लिक लाइब्रेरी
बोर्ड बैठक में सेक्टर अल्फा-1 में सार्वजनिक पुस्तकालय बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। करीब 1,360 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाली इस लाइब्रेरी में तीन मंजिला भवन के लिए करीब 440 वर्ग मीटर क्षेत्र रखा जाएगा, जबकि शेष हिस्से में पार्किंग, शौचालय और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
लाइब्रेरी में बच्चों, छात्रों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए किताबें उपलब्ध कराने की योजना है। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी न्यूनतम शुल्क देकर किताबें लेकर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। प्राधिकरण का लक्ष्य इसका निर्माण कार्य भी वर्ष 2026 के अंत तक शुरू करना है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा ग्रेटर नोएडा
शहर की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 130 मीटर चौड़ी सड़क को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (एनएच-24) से जोड़ने के प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। एनएचएआई के सर्वेक्षण में इस कनेक्टिविटी के लिए दो वैकल्पिक मार्ग सामने आए थे। बोर्ड ने पहले चरण में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से एक मूर्ति तक डबल डेकर सड़क बनाने का निर्णय लिया है।
इस परियोजना की अनुमानित लागत 756.01 करोड़ रुपये है। परियोजना की लागत यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद प्राधिकरणों द्वारा समान रूप से वहन किए जाने का प्रस्ताव है। इससे ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक बनेगी 105 मीटर चौड़ी सड़क
ग्रेटर नोएडा को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 105 मीटर चौड़ी सड़क के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। फेस-1 में इस सड़क का करीब 6 किलोमीटर हिस्सा पहले ही तैयार हो चुका है। फेस-2 में ग्राम जुनपत से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक करीब 12 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी।
यह मार्ग 10 लेन और चार सर्विस लेन का होगा। रास्ते में रेलवे लाइन, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की लिंक लाइन और जीटी रोड पड़ने के कारण तीन ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। सड़क निर्माण की लागत एनएचएआई वहन करेगा, जबकि आवश्यक भूमि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण उपलब्ध कराएगा।
रिठौरी में रेलवे लाइन पर बनेगा फुटओवर ब्रिज
रिठौरी गांव के निवासियों को रेलवे लाइन पार करने में होने वाली परेशानी को देखते हुए गांव में फुटओवर ब्रिज बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। प्राधिकरण के अनुसार इस संबंध में वर्ष 2022 में सांसद डॉ. महेश शर्मा का पत्र प्राप्त हुआ था। इसके बाद संबंधित विभागों की टीम ने संयुक्त निरीक्षण कर फुटओवर ब्रिज के निर्माण पर सहमति जताई।
ब्रिज के निर्माण का खर्च ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण वहन करेगा। रेलवे लाइन के ऊपर निर्माण के लिए रेलवे से आवश्यक स्वीकृति और एनओसी लेने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। प्रस्तावित फुटओवर ब्रिज में रैंप, सीढ़ियों और लिफ्ट की सुविधा का प्रावधान रखा गया है।
शहर के विकास को मिलेगी नई दिशा
144वीं बोर्ड बैठक में लिए गए इन फैसलों से एक ओर जहां औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के आवास की समस्या को दूर करने की दिशा में कदम बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, सार्वजनिक पुस्तकालय और रेलवे फुटओवर ब्रिज जैसी परियोजनाओं से शहरवासियों को सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। बैठक में प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, सीईओ एनजी रवि कुमार सहित नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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