श्रीनगर में गुर्जर-बकरवाल सरकारी कर्मचारी एसोसिएशन का प्रांतीय सम्मेलन, अधिकारों की रक्षा के लिए देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

राजनीति राष्ट्रीय
प्रदीप विधूड़ी नई दिल्ली|DTM
ST आरक्षण में अन्य जातियों को शामिल किए जाने का विरोध, सामाजिक एकजुटता और भाईचारे पर भी दिया जोर

श्रीनगर, 31 अगस्त 2026। जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर स्थित ऑडिटोरियम में ऑल J&K गुर्जर बकरवाल गवर्नमेंट एम्पलॉइज एसोसिएशन की ओर से एक दिवसीय प्रांतीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों से गुर्जर-बकरवाल समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

सम्मेलन के दौरान समुदाय से जुड़े सामाजिक, शैक्षणिक, प्रशासनिक और कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने गुर्जर-बकरवाल समुदाय की एकजुटता, सामाजिक अधिकारों और संवैधानिक हितों की रक्षा को लेकर अपनी बात रखी।

दिल्ली से पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

सम्मेलन में दिल्ली से भी एक प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ समाजसेवी एवं सामाजिक प्रतिनिधि लोकेंद्र कसाना, धर्मेंद्र भगत (बदरपुर), ओमवीर बैंसला (हरकेश नगर), राजेंद्र भड़ाणा और दीपक अवाना (मीठापुर) प्रमुख रूप से शामिल रहे।

समाजसेवी लोकेंद्र कसाना ने अपने संबोधन में सामाजिक एकजुटता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुस्लिम गुर्जर समाज से हिंदू गुर्जर समुदाय के साथ सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी संवाद, सद्भाव और विश्वास को बढ़ावा देने से गुर्जर समाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिल सकती है।

ST अधिकारों को लेकर जताई चिंता

सम्मेलन का प्रमुख मुद्दा अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के अधिकारों और आरक्षण से जुड़ा रहा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में जम्मू-कश्मीर की ST सूची में अन्य जातियों और समुदायों को शामिल किए जाने से मूल रूप से ST का दर्जा प्राप्त गुर्जर-बकरवाल समुदाय के हित प्रभावित हुए हैं।

वक्ताओं ने कहा कि समुदाय अपने संवैधानिक अधिकारों और आरक्षण से जुड़े हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएगा। सम्मेलन में इस मुद्दे को लेकर व्यापक स्तर पर आंदोलन चलाने की चेतावनी भी दी गई।

नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों और चिंताओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो गुर्जर समाज इस मुद्दे को देश के विभिन्न हिस्सों में उठाएगा और समुदाय के लोगों को एकजुट कर देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की दिशा में कदम उठाएगा।

सामाजिक और शैक्षणिक मुद्दों पर भी चर्चा

सम्मेलन में सरकारी कर्मचारियों से जुड़े प्रशासनिक विषयों के साथ-साथ शिक्षा, सामाजिक विकास और समुदाय के युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने समुदाय के बच्चों और युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने तथा सामाजिक स्तर पर एकजुटता मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने दिल्ली से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल सहित सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही गुर्जर-बकरवाल समाज के सामाजिक कल्याण, संवैधानिक अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।

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