ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM
11 अक्टूबर 2026 नई दिल्ली: यूट्यूबर ध्रुव राठी ने हालिया विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा लेते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा, “मैं विशेष रूप से इस विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने आया था, क्योंकि यह एक ऐसा मुद्दा है, जिसकी मुझे वास्तव में चिंता है। चुनाव आयोग का निष्पक्ष होना बेहद जरूरी है। वोटों की चोरी एक बेहद गंभीर मुद्दा है।”
8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और नागरिक संगठनों द्वारा आयोजित ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ में राठी शामिल हुए। प्रदर्शन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ था। इसमें देशभर से लगभग 13 करोड़ नाम हटाए जाने का दावा किया जा रहा है। राठी ने स्पष्ट किया कि वे किसी सत्ता परिवर्तन या राजनीतिक दल के समर्थन में नहीं आए। उन्होंने चुनाव आयोग पर पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
राठी ने पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के उदाहरण देते हुए कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया संदेहास्पद है। अभिनेता प्रकाश राज और CJP संस्थापक अभिजीत दीपके भी इस प्रदर्शन में मौजूद थे।
10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन से पहले राठी को गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। राठी ने इसे “किडनैपिंग” करार दिया और दावा किया कि उन्हें फोन और वकील से बात करने की अनुमति नहीं दी गई।
चुनाव आयोग का कहना है कि SIR एक नियमित सफाई प्रक्रिया है, जिसमें स्थानांतरित, लापता या मृत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और गलत हटाए गए नाम दोबारा जोड़े जा सकते हैं। विपक्षी दल और प्रदर्शनकारी इसे पक्षपातपूर्ण बता रहे हैं।
यह मुद्दा देश की चुनावी प्रक्रिया पर भरोसे से जुड़ा है। नागरिक अधिकारों की रक्षा और संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना लोकतंत्र के लिए अनिवार्य है।
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