FSSAI ने डाबर के कई प्रोडक्ट्स पर ‘100%’ दावों को लेकर बिक्री रोकने का आदेश जारी किया

दिल्ली राष्ट्रीय स्वास्थ्य

ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली| Dilli Times Media

नई दिल्ली, 5 अगस्त 2026: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सोमवार को डाबर इंडिया लिमिटेड के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कई खाद्य उत्पादों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया है। नियामक का आरोप है कि कंपनी अपने प्रोडक्ट्स पर “100% नेचुरल”, “100% प्योर”, “100% प्योरिटी गारंटीड” और “100% ऑर्गेनिक” जैसे भ्रामक दावे कर रही थी, जो उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकते हैं।
FSSAI ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि डाबर की वेबसाइट पर बेचे जा रहे कई उत्पादों पर ये दावे पाए गए, जो खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन एवं दावे) विनियम, 2018 का उल्लंघन करते हैं। नियामक के अनुसार ऐसे दावे अस्पष्ट, असत्यापित और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले हैं।
प्रभावित प्रोडक्ट्स की सूची
आदेश में निम्नलिखित उत्पादों को विशेष रूप से नामित किया गया है:
शहद (Honey)
एप्पल साइडर विनेगर (Apple Cider Vinegar)
वर्जिन नारियल तेल (Virgin Coconut Oil)
तिल का तेल (Sesame Oil)
गाय का घी (Cow Ghee)
नारियल पानी (Coconut Water)
नारियल का दूध (Coconut Milk)
इनके अलावा “100%” दावे वाले अन्य खाद्य उत्पाद भी इस रोक के दायरे में आते हैं।
अतिरिक्त उल्लंघन
FSSAI ने यह भी पाया कि डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर बिना वैध मंजूरी के “जैविक भारत” (Jaivik Bharat) लोगो प्रदर्शित किया गया था। यह खाद्य सुरक्षा और मानक (जैविक खाद्य) विनियम, 2017 का उल्लंघन है। इसके अलावा, डाबर होममेड कोकोनट मिल्क पर “100% प्योरिटी” का दावा किया गया था, जो मिश्रित खाद्य पदार्थों के लिए अनुमत नहीं है।
नियामक ने बताया कि कंपनी को पहले भी ऐसे दावों को बंद करने का नोटिस दिया गया था, लेकिन संतोषजनक सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
कंपनी का जवाब
डाबर इंडिया ने इस मामले में कहा है कि उन्होंने FSSAI का नोटिस प्राप्त कर लिया है और वे इसमें उल्लिखित सामग्री की जांच कर रहे हैं। कंपनी को 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) जमा करने का निर्देश दिया गया है।
बाजार पर असर
इस खबर के बाद डाबर के शेयरों में गिरावट देखी गई। निवेशक और उपभोक्ता दोनों इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।
FSSAI की यह कार्रवाई खाद्य उत्पादों पर भ्रामक दावों के खिलाफ सख्ती बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कंपनी अगर लेबलिंग में बदलाव करती है और नियमों का पालन करती है, तो प्रोडक्ट्स की बिक्री दोबारा शुरू हो सकती है।
(स्रोत: FSSAI आधिकारिक बयान एवं समाचार एजेंसियां)

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