कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: नीरज चोपड़ा सिल्वर, यशवीर सिंह ब्रोंज; श्रीलंका के पथिरागे ने रचा इतिहास

खेल दिल्ली राष्ट्रीय

ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली| Dilli Times Media

1 अगस्त 2026 नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आठवें दिन शुक्रवार को पुरुष जैवलिन थ्रो फाइनल में भारत ने ऐतिहासिक डबल पोडियम हासिल किया। ओलिंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता जबकि यशवीर सिंह ने ब्रोंज मेडल अपने नाम किया। गोल्ड मेडल श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे के खाते में गया।
फाइनल में पथिरागे ने अपनी दूसरी अटेम्प्ट में 89.75 मीटर का शानदार थ्रो किया और गोल्ड मेडल पक्का कर लिया। नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो किया और सिल्वर पर रहे। यशवीर सिंह ने आखिरी थ्रो पर 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट फेंककर ब्रोंज मेडल छीन लिया। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार था जब पुरुष जैवलिन थ्रो में दो भारतीय खिलाड़ी एक साथ पोडियम पर पहुँचे।
स्पर्धा ठंडे और हवा वाले मौसम में हुई। नीरज चोपड़ा शुरुआती दौर में आगे रहे, लेकिन पथिरागे के लंबी दूरी के थ्रो ने समीकरण बदल दिए। पाकिस्तान के ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अरशद नदीम शुरुआती तीन थ्रो के बाद ही बाहर हो गए। भारत के तीसरे खिलाड़ी रोहित यादव सातवें स्थान पर रहे।
नीरज चोपड़ा ने प्रतियोगिता के बाद यशवीर सिंह की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यशवीर ने सही समय पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया। यह नीरज का कॉमनवेल्थ गेम्स में दूसरा मेडल है। उन्होंने 2018 गोल्ड कोस्ट गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था।
उस दिन भारत ने कुल छह मेडल जीते। जैवलिन में डबल पोडियम ने भारतीय एथलेटिक्स की बढ़ती ताकत को एक बार फिर रेखांकित किया। युवा यशवीर सिंह का डेब्यू पर ब्रोंज मेडल और नीरज की निरंतरता दोनों ही टीम इंडिया के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
पथिरागे का प्रदर्शन इस सीजन में उनके शानदार फॉर्म को दर्शाता है। 23 वर्षीय श्रीलंकाई थ्रोअर पहले ही 92.62 मीटर का नेशनल रिकॉर्ड फेंक चुके हैं और अब कॉमनवेल्थ गोल्ड भी अपने नाम कर चुके हैं।
भारत की मेडल टैली में इस नतीजे ने और मजबूती दी है। ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ी लगातार अच्छे प्रदर्शन कर रहे हैं।

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