ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|Dilli Times Media
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026: शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन बुधवार को मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्माण्डा की पूजा-अर्चना की जा रही है। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है। भक्त मां की विधि-विधान से पूजा कर सुख, समृद्धि, आरोग्य और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्माण्डा को सृष्टि की रचयिता माना जाता है। कहा जाता है कि जब चारों ओर अंधकार था, तब मां ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की थी। इसी कारण उन्हें जगत जननी के रूप में भी पूजा जाता है। मां कूष्माण्डा का स्वरूप तेजस्वी और दिव्य माना गया है। उनकी आठ भुजाएं हैं और उनका वाहन सिंह है। भक्तों का विश्वास है कि मां की आराधना से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, साहस और सुख-समृद्धि का संचार होता है।
नवरात्रि के चौथे दिन पूजा के दौरान मां को मालपुआ या हलवे का भोग अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है। वहीं, इस दिन का रंग रॉयल ब्लू यानी गहरा नीला माना जा रहा है। श्रद्धालु इस रंग के वस्त्र धारण कर पूजा-अर्चना में शामिल हो रहे हैं।
नवरात्रि के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। घरों में भी भक्त कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं।
नवरात्रि का यह पर्व आस्था, भक्ति और सकारात्मकता का संदेश देता है। श्रद्धालु मां कूष्माण्डा से परिवार की सुख-शांति, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन में उन्नति की प्रार्थना कर रहे हैं।
जय मां कूष्माण्डा!
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