वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर चर्चा

उत्तर प्रदेश

ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM

चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी मौत; परिवार ने की CBI जांच की मांग

30 सितंबर 2026 वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की 25 सितंबर को हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संबंधित कुछ जानकारियां मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से सामने आई हैं। दीपक की मौत गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। पुलिस मामले की प्रारंभिक जांच कर रही है, जबकि परिवार ने घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए CBI जांच की मांग की है।

मीडिया में प्रकाशित पोस्टमार्टम संबंधी विवरणों के अनुसार, चिकित्सकीय जांच में शरीर पर कई चोटें दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट में मौत का कारण अत्यधिक रक्तस्राव से उत्पन्न हेमोरेजिक शॉक बताया गया है। सिर, चेहरे, पसलियों, फेफड़े और पैर से संबंधित चोटों का भी रिपोर्टों में उल्लेख किया गया है।

कुछ मीडिया रिपोर्टों में सिर के पीछे चोट, फ्रैक्चर और अंदरूनी रक्तस्राव का जिक्र है। इसी तरह पसलियों में फ्रैक्चर और बाएं फेफड़े को क्षति का उल्लेख भी सामने आया है। शरीर के निजी अंग से संबंधित चोट का भी कुछ रिपोर्टों में उल्लेख किया गया है।

हालांकि, पोस्टमार्टम में दर्ज चोटों को घटना की परिस्थितियों या उनके कारण से सीधे जोड़कर निष्कर्ष निकालना अभी उचित नहीं होगा। पोस्टमार्टम मुख्य रूप से शरीर पर मौजूद चोटों और चिकित्सकीय रूप से मृत्यु के कारण का आकलन करता है। चोटें किस परिस्थिति में लगीं और उनका घटना के क्रम से क्या संबंध है, यह पुलिस जांच और फोरेंसिक साक्ष्यों से स्पष्ट होना बाकी है।

जांच के दौरान कमरे से एक इलेक्ट्रिक ग्राइंडर बरामद किए जाने की बात भी मीडिया रिपोर्टों में कही गई है। इस उपकरण का घटना से कोई संबंध था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

परिवार ने मामले की परिस्थितियों को संदिग्ध बताते हुए CBI जांच की मांग की है। वहीं, पुलिस की प्रारंभिक जांच आत्महत्या की आशंका को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।

फिलहाल मामले में किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चिकित्सकीय निष्कर्ष और घटना के वास्तविक कारण के बीच अंतर को ध्यान में रखते हुए अंतिम तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। आधिकारिक जांच रिपोर्ट और फोरेंसिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मौत की परिस्थितियों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

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