डूब क्षेत्र के निवासी सड़क पर उतरे, पर्थला के पास जाम; खलीफा बोले,लिखित आश्वासन के बिना धरना नहीं हटेगा

उत्तर प्रदेश राजनीति

ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM

नोएडा / 13 सितंबर 2026|गौतम बुद्ध नगर: नोएडा के हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली और पेयजल की बहाली को लेकर रविवार को बड़ा प्रदर्शन हुआ। पर्थला गांव के पास कई दिनों से चल रहा धरना सड़क तक पहुंच गया। भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा के नेतृत्व में डूब क्षेत्र के किसान और निवासी सड़क पर उतरे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने भारी बल तैनात किया। पैदल मार्च के कारण करीब आधे घंटे यातायात प्रभावित रहा।
धरना सड़क तक पहुंचा
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे वर्षों से बिजली और पानी की किल्लत झेल रहे हैं। अगस्त के अंत में विद्युत निगम ने डूब क्षेत्र की कई कॉलोनियों में बड़े पैमाने पर कनेक्शन काट दिए थे। विभाग इन्हें अवैध बताता है। निवासियों का आरोप है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के आपूर्ति बंद कर दी गई, जिससे पानी की मोटरें भी ठप हो गईं।
सुखबीर खलीफा ने कहा कि मौखिक आश्वासन अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन जब तक मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं देता, धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

मांगें और दावे
संगठन के अनुसार हिंडन पुश्ता क्षेत्र में 40 से अधिक कॉलोनियां बस चुकी हैं। कई भूखंडों की रजिस्ट्री हो चुकी है और स्टांप शुल्क के रूप में राजस्व भी दिया जा चुका है। इसके बावजूद स्थायी बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया गया। कुछ आयोजनों में प्रभावित परिवारों की संख्या दो से ढाई लाख तक बताई गई है। यह आंकड़ा संगठन का दावा है; स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है।
निवासी पूछ रहे हैं कि जब रजिस्ट्री हो सकती है तो बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हर बार सड़क पर उतरकर हक मांगना पड़ रहा है।

विभाग का पक्ष
विद्युत विभाग का कहना है कि यह क्षेत्र बाढ़ क्षेत्र में आता है, जहां स्थायी कनेक्शन पर पाबंदी है। अगस्त के अभियान में हजारों कनेक्शन काटे गए और बिजली चोरी तथा निजी वितरण नेटवर्क के मामले दर्ज किए गए। विभाग राजस्व नुकसान का भी दावा करता है।
कुछ स्थानीय रिपोर्टों में अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री स्तर पर डूब क्षेत्र में आपूर्ति के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जिला स्तर पर लिखित आदेश अभी प्रतीक्षित है। सितंबर के पहले सप्ताह में विरोध के बाद चोरी-विरोधी अभियान को कुछ स्थानों पर स्थगित भी किया गया था।

पुराना विवाद, नया उबाल
यह मांग पहली बार नहीं उठी है। फरवरी 2026 में भी भारतीय किसान परिषद ने सेक्टर-16 स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना दिया था और अल्टीमेटम दिया था। दिसंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच कई महापंचायतें और ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। मुद्दा एक ही रहा है—बाढ़ क्षेत्र में बसी बस्तियों को कानूनी कनेक्शन मिले या नहीं।

आगे क्या
रविवार के प्रदर्शन के बाद परिषद ने दोहराया कि लिखित आश्वासन के बिना धरना नहीं हटेगा। पुलिस ने स्थिति संभाली और यातायात बहाल किया। प्रशासन की ओर से तत्काल कोई औपचारिक लिखित समझौता सार्वजनिक नहीं हुआ है।
सवाल वही है जो सड़क पर उठा—डूब क्षेत्र के निवासियों को बिजली-पानी कब मिलेगा, या हर बार सड़क जाम करके ही मांग सुनवाई तक पहुंचेगी।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *