प्रदीप विधूड़ी नई दिल्ली |DTM
इंडियन योग एसोसिएशन का 7वां राष्ट्रीय सम्मेलन 12–13 सितंबर को नई दिल्ली में
नई दिल्ली, 1 सितंबर 2026: भारत की समृद्ध योग परंपरा, समकालीन आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा के लिए इंडियन योग एसोसिएशन (IYA) द्वारा ‘संगोष्ठी 2026’ का आयोजन 12 और 13 सितंबर 2026 को अध्यात्म साधना केंद्र, छतरपुर, नई दिल्ली में किया जाएगा। यह इंडियन योग एसोसिएशन का 7वां राष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसमें देशभर से योग विशेषज्ञ, आचार्य, चिकित्सक, शिक्षाविद्, शोधकर्ता और योग संस्थानों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
‘Where Yoga’s Timeless Wisdom Meets Its Future Path’ थीम पर आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में योग की शाश्वत ज्ञान परंपरा को वर्तमान सामाजिक आवश्यकताओं, नीति निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और बदलते वैश्विक परिदृश्य से जोड़ते हुए योग के भविष्य की दिशा पर मंथन किया जाएगा।
इंडियन योग एसोसिएशन के सेक्रेटरी जनरल श्री सुबोध तिवारी ने देशभर के IYA समुदाय और योग जगत से जुड़े लोगों से इस महत्वपूर्ण संवाद में भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि “संगोष्ठी 2026 केवल विचारों के आदान-प्रदान का मंच नहीं, बल्कि भारत में योग की भविष्य की भूमिका को लेकर सामूहिक चिंतन और दिशा निर्धारण का अवसर है।”
उद्घाटन समारोह में शामिल होंगी योग और आयुष क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियां
सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में योग एवं आयुष क्षेत्र से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों की सहभागिता रहेगी। उद्घाटन समारोह में मंच पर प्रमुख रूप से वैद्य राजेश कोटेचा, सचिव, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार; माँ डॉ. हंसाजी योगेंद्र, गवर्निंग काउंसिल सदस्य, इंडियन योग एसोसिएशन; गुरुजी डॉ. एच. आर. नागेंद्र, गवर्निंग काउंसिल सदस्य, इंडियन योग एसोसिएशन; स्वामी भारत भूषण, गवर्निंग काउंसिल सदस्य, इंडियन योग एसोसिएशन तथा डॉ. रमेश बिजलानी, प्रधानमंत्री योग पुरस्कार से सम्मानित उपस्थित रहेंगे।
उद्घाटन समारोह के डायस पर इंडियन योग एसोसिएशन के सेक्रेटरी जनरल श्री सुबोध तिवारी भी मौजूद रहेंगे।
योग की नीति, शिक्षा और भविष्य पर होगी चर्चा
‘संगोष्ठी 2026’ में योग के विभिन्न आयामों पर विशेषज्ञों के बीच संवाद और विचार-विमर्श होगा। सम्मेलन के दौरान योग और नीति निर्माण, समाज में योग की बढ़ती भूमिका, योग शिक्षा एवं अनुसंधान, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बीच समन्वय तथा भारत में योग के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।
आयोजकों के अनुसार, योग अब भारत की सांस्कृतिक विरासत तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य एवं कल्याण आंदोलन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे समय में योग की प्रामाणिकता, वैज्ञानिकता और सामाजिक उपयोगिता को और मजबूत करने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच सार्थक संवाद आवश्यक है। ‘संगोष्ठी 2026’ इसी उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच के रूप में आयोजित की जा रही है।
योग समुदाय से सम्मेलन में भाग लेने की अपील
इंडियन योग एसोसिएशन ने योग शिक्षकों, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, योग संस्थानों, विद्यार्थियों और योग के क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों से सम्मेलन में भाग लेकर इस राष्ट्रीय संवाद को समृद्ध बनाने का आह्वान किया है।
दो दिवसीय ‘संगोष्ठी 2026’ के माध्यम से योग की परंपरा और आधुनिक जरूरतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा भारत में योग की भविष्य की भूमिका को लेकर व्यापक विचार-विमर्श की उम्मीद है।
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