ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|Dilli Times Media
फिरोजाबाद, 26 अगस्त 2026: विश्व प्रसिद्ध संत नीम करौली बाबा (मूल नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा) की जन्मस्थली फिरोजाबाद जिले के टूंडला तहसील स्थित अकबरपुर गांव में पैतृक संपत्ति को लेकर नया विवाद सामने आया है। बाबा के छोटे पुत्र स्वर्गीय धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों ने जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा को शिकायती पत्र सौंपकर श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट पर पैतृक घर, मंदिर और डाक बंगलिया पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है।
पोतियों—सुनीता शर्मा (वृंदावन), अर्चना शर्मा (दिल्ली), वंदना शर्मा (मथुरा), भावना रावत (मुंबई), रितु तिवारी (दिल्ली) और रिचा रावत (गुरुग्राम)—का आरोप है कि ग्राम पंचायत नगला/अकबरपुर स्थित निजी मकान संख्या 154-व, जिसमें बाबा का ध्यान कक्ष, भोजनालय, अतिथि कक्ष और शयन कक्ष स्थित हैं, कभी ट्रस्ट को दान नहीं किया गया था। इसके बावजूद ट्रस्ट इन पर कब्जा जमाए हुए है और संचालन कर रहा है। उन्होंने संपत्ति को ट्रस्ट से मुक्त कराने तथा प्रशासनिक ट्रस्ट गठित करने की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने एडीएम (न्यायिक) अरविंद कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। जांच में स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, दान के कागजात और वर्तमान कब्जे की स्थिति की विस्तृत जांच की जाएगी।
ट्रस्ट पक्ष का दावा है कि ये संपत्तियां पहले ही उन्हें सौंपी जा चुकी थीं। ट्रस्ट की अध्यक्ष बाबा की बेटी गिरिजा भटेले हैं। परिवार के एक पक्ष ने इसे आंतरिक पारिवारिक विवाद भी बताया है। मुंबई से पहुंचे भावना रावत के पति मनोज रावत ने डीएम से मुलाकात कर कहा कि प्रशासन से न्याय न मिलने पर सिविल कोर्ट का रुख किया जाएगा।
नीम करौली बाबा का जन्म लगभग 1900 में अकबरपुर में हुआ था। 1958 में उन्होंने गृहस्थ जीवन त्याग दिया। 1961 में नैनीताल के निकट कैंची धाम पहुंचे और 1964 में वहां हनुमान मंदिर की स्थापना की। 1973 में वृंदावन में उन्होंने देह त्याग दी। कैंची धाम आज देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है।
अकबरपुर में बाबा की जन्मस्थली को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना भी चल रही है, जिसके बाद यह विवाद चर्चा में आ गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्वामित्व का अंतिम निर्णय स्पष्ट होगा।
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