UGC-NET विवाद के बाद NTA में बड़ा प्रशासनिक बदलाव: 50 से अधिक स्टाफ हटाए गए, विशेषज्ञों की नियुक्ति शुरू

टेक्नोलॉजी दिल्ली शिक्षा

ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|Dilli Times Media

नई दिल्ली, 18 अगस्त 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने यूजीसी-नेट जून 2026 परीक्षा में तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में गंभीर त्रुटियों के बाद व्यापक प्रशासनिक सुधार शुरू कर दिए हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, एजेंसी से 50 से अधिक स्टाफ सदस्यों को हटाया गया है और प्रमुख पदों पर पेशेवर विशेषज्ञों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
परीक्षा रद्द होने का कारण
NTA ने 16 अगस्त को अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने का ऐलान किया था। एजेंसी को इन पेपर्स में कई शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद गठित विशेषज्ञ समिति ने तथ्यात्मक, टाइपोग्राफिकल, अनुवाद संबंधी और व्याकरण की अनेक गलतियां पाईं। इनमें प्रसिद्ध विद्वानों के नाम गलत लिखे जाना (जैसे Ritzer को Putzer और Nussbaum को Nusbaut), किताबों के विकृत शीर्षक, प्रश्नों की भाषा में त्रुटियां तथा पिछले वर्षों के कई सवालों की दोहराई शामिल थी। समिति ने स्पष्ट किया कि इन दोषों को केवल सवाल ड्रॉप करके ठीक नहीं किया जा सकता और निष्पक्ष परीक्षा के हित में री-टेस्ट जरूरी है।
री-परीक्षा का कार्यक्रम इस प्रकार है:
अंग्रेजी और कॉमर्स: 9 सितंबर 2026
सोशियोलॉजी: 10 सितंबर 2026
अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। बाकी 84 विषयों के परिणाम इस निर्णय से प्रभावित नहीं होंगे।
प्रशासनिक फेरबदल और सुधार के कदम
शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में NTA के महानिदेशक और उच्च शिक्षा विभाग के सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हालिया घटनाओं पर रिपोर्ट पेश की। मंत्रालय ने बताया कि “हालिया मुद्दों के मद्देनजर समग्र परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए NTA से 50 से अधिक स्टाफ सदस्यों को हटाया गया है।”
एजेंसी ने 10 नए पेशेवर नेतृत्व पदों के लिए विज्ञापन जारी किए हैं। इनमें चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO), चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO), चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO), जनरल मैनेजर (टेस्ट सिक्योरिटी) और जनरल मैनेजर (R&D एंड साइकोमेट्रिक्स) शामिल हैं। निजी क्षेत्र से साइबर सुरक्षा, साइकोमेट्रिक्स, प्रश्नपत्र डिजाइन और अन्य विशेषज्ञ क्षेत्रों के डोमेन विशेषज्ञ भी लाए जा रहे हैं।
मंत्रालय ने NTA को निर्देश दिए हैं कि:सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का गहन ऑडिट किया जाए और एक महीने के अंदर सुधारात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट जमा की जाए।
गोपनीय संचालन (CONOPS) आर्किटेक्चर, पृथक कमरे, एयर-गैप्ड सिस्टम और डिवाइस जमा प्रोटोकॉल का पूर्ण ओवरहॉल युद्ध स्तर पर लागू किया जाए।
स्थापित परीक्षा प्रोटोकॉल का सख्त पालन सुनिश्चित किया जाए।
व्यापक संदर्भ
यह कदम NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के कुछ महीनों बाद उठाया गया है, जिसमें NTA पर पहले भी गंभीर सवाल उठे थे। शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि ये उपाय परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक हैं।
NTA का रुख है कि एजेंसी ने अभ्यर्थियों के हित में तुरंत कार्रवाई की है और भविष्य में ऐसी गलतियों को दोहराने से रोकने के लिए प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने हालांकि बार-बार की खामियों पर चिंता जताई है और NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
आधिकारिक नोटिस और आगे की अपडेट के लिए अभ्यर्थी NTA की वेबसाइट पर नजर बनाए रख सकते हैं।

What do you feel about this post?

100%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *