ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|Dilli Times Media
चेन्नई, 15 अगस्त 2026: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शनिवार को चेन्नई के ऐतिहासिक फोर्ट सेंट जॉर्ज में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के तौर पर पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद उन्होंने प्रदेश और देशवासियों को संबोधित करते हुए युवाओं, भ्रष्टाचार, सामाजिक न्याय और तमिलनाडु के अधिकारों को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं।
अपने पहले स्वतंत्रता दिवस संबोधन की शुरुआत मुख्यमंत्री विजय ने तमिलनाडु समेत दुनियाभर में रह रहे तमिल समुदाय और खासतौर पर Gen Z युवाओं को ‘वणक्कम’ कहकर की। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की आजादी के लिए उनके बलिदानों को हमेशा याद रखा जाना चाहिए।
‘भ्रष्टाचार से मुक्ति भी आजादी’
मुख्यमंत्री विजय ने भ्रष्टाचार को अपने भाषण का प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु को भ्रष्टाचार से मुक्त करना भी स्वतंत्रता की भावना का हिस्सा है। उन्होंने अपनी सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए कहा कि सरकारी राजस्व को निजी हितों तक पहुंचने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही कि सरकारी कार्यालयों में अपनी शिकायत या समस्या लेकर पहुंचने वाले आम लोगों के साथ सम्मान और संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने तथा राजस्व संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल करने पर भी जोर दिया।
जाति और धर्म की दीवारें खत्म करने पर जोर
विजय ने स्वतंत्रता को केवल राजनीतिक आजादी तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि समाज में जब लोग एकजुट होते हैं तो जाति, धर्म, भाषा और पहचान के आधार पर खड़ी दीवारें कमजोर होती हैं। उनके मुताबिक सामाजिक न्याय, समानता और एकजुटता ही वास्तविक स्वतंत्रता की भावना को मजबूत करती है।
विपक्ष पर इशारों में निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में बिना किसी राजनीतिक दल या नेता का नाम लिए सरकार के खिलाफ काम करने वाली राजनीतिक ताकतों को भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के खिलाफ होने वाली साजिशों और राजनीतिक प्रयासों को नाकाम किया जाएगा। साथ ही उन्होंने जनता से अपनी सरकार के साथ मजबूती से खड़े रहने की अपील की।
तमिलनाडु के अधिकारों पर ‘नो कॉम्प्रोमाइज’
केंद्र और राज्य के संबंधों पर मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट रुख रखते हुए कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक मामलों में तमिलनाडु सरकार सहयोग के लिए तैयार है, लेकिन राज्य के अधिकारों और हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के हितों के खिलाफ जाने वाले किसी भी फैसले का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
युवाओं पर खास फोकस
विजय के भाषण में युवाओं को विशेष स्थान मिला। ‘वणक्कम Gen Z’ के जरिए उन्होंने नई पीढ़ी से सीधे संवाद स्थापित करने की कोशिश की। उनके संबोधन में युवा शक्ति, बेहतर शासन, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और सामाजिक समानता जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का पहला स्वतंत्रता दिवस संबोधन युवा, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई, सामाजिक न्याय, सुशासन और तमिलनाडु के अधिकारों के मुद्दों पर केंद्रित रहा। भाषण में जहां उन्होंने शासन की प्राथमिकताओं को सामने रखा, वहीं विपक्षी ताकतों को इशारों में राजनीतिक संदेश भी दिया।
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