ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|Dilli Times Media
पीपलकोटी (चमोली), 14 अगस्त 2026: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में गुरुवार शाम निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में सात श्रमिकों की मौत हो गई है, जबकि तीन अभी भी लापता हैं। बचाव दल ने अब तक 19 से 21 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। रेस्क्यू अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
घटना गुरुवार, 13 अगस्त को शाम करीब 6:45 से 7:05 बजे के बीच मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना (444 मेगावाट) की टेल रेस टनल (TRT) में हुई। सुरंग के लगभग 1.4 से 1.8 किलोमीटर अंदर काम कर रहे श्रमिक अचानक कैविटी बनने और भूस्खलन के कारण पानी, गाद तथा मलबे की चपेट में आ गए। निर्माण कार्य हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) द्वारा कराया जा रहा था।
जिला प्रशासन और बचाव एजेंसियों के अनुसार, हादसे के समय शिफ्ट में 22 से 28 श्रमिक सुरंग के अंदर मौजूद थे। इनमें से अधिकांश बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं। गोपेश्वर जिला अस्पताल में लाए गए 19 श्रमिकों में से सात को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि बाकी घायलों का इलाज चल रहा है। एक घायल को श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया है।
मृतकों की पहचान: अब तक सामने आए नामों में प्रदीप सिंह पवार (टिहरी), मुकेश (चमोली), दुर्लभ शर्मा (बिहार), विजय (झारखंड), जितेंद्र कुमार (झारखंड) के साथ लोकेश्वर और भुनेश्वर शामिल हैं।
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), आईटीबीपी, पुलिस और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर तैनात हैं। सुरंग में गले तक पानी और मलबा भरा होने के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। रात के दौरान ऑक्सीजन की कमी और कठिन परिस्थितियों के चलते कुछ समय के लिए ऑपरेशन रोका गया था, जो शुक्रवार सुबह से फिर शुरू हो गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को युद्धस्तर पर रेस्क्यू जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से भी बात कर श्रमिकों की स्थिति से अवगत कराया। जिलाधिकारी गौरव कुमार बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को स्थल का दौरा कर घायलों से मिलने वाले हैं।
यह परियोजना अलकनंदा नदी पर स्थित है और इसका करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों की बारिश और कमजोर भूगर्भीय संरचना के कारण कैविटी बनी, जिससे अचानक पानी और मलबा सुरंग में घुस गया।
फिलहाल तीन लापता श्रमिकों की तलाश जारी है। प्रशासन ने सभी प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। घटना की विस्तृत जांच भी शुरू की गई है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
