ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM
नई दिल्ली | 31 अगस्त 2026: दक्षिण-पूर्व दिल्ली के सरिता विहार इलाके में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। आली मोर के पास सड़क किनारे करीब 6 से 7 दिन का एक नवजात शिशु रोता हुआ मिला। मौके पर पहुंची दिल्ली पुलिस की पीसीआर टीम ने बिना देरी किए बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू किया और तत्काल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के बाल चिकित्सा आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया।
पुलिस के मुताबिक, पीसीआर टीम गश्त के दौरान आली मोर के पास पहुंची थी, जहां सड़क किनारे नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। टीम ने मौके पर जाकर देखा तो बच्चा अकेला और असहाय अवस्था में पड़ा था। प्रारंभिक जांच में उसकी उम्र करीब छह से सात दिन आंकी गई।
समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया
नवजात की स्थिति कमजोर दिखाई देने पर पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे अपनी पीसीआर वैन में लिया और एम्स की पीडियाट्रिक इमरजेंसी में पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चे की जांच कर आवश्यक उपचार शुरू किया। फिलहाल नवजात चिकित्सकों की निगरानी में है।
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई के कारण बच्चे को समय रहते चिकित्सा सुविधा मिल सकी। नवजात की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।
बच्चे को सड़क किनारे छोड़ने वाले की तलाश
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात को सड़क किनारे किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा था।
इसके लिए आली मोर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही स्थानीय लोगों से पूछताछ कर बच्चे के परिवार और उसकी पहचान से जुड़ी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
बाल कल्याण समिति की प्रक्रिया के तहत संरक्षण
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नवजात की पहचान और परिजनों की जानकारी सामने आने तक बच्चे की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। आगे की प्रक्रिया बाल कल्याण समिति (CWC) के नियमानुसार पूरी की जाएगी।
सार्वजनिक स्थान पर नवजात बच्चे को असहाय अवस्था में छोड़ना गंभीर कानूनी मामला हो सकता है। जांच के आधार पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने की अपील
दिल्ली पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को नवजात को सड़क किनारे छोड़ने की घटना से संबंधित कोई जानकारी हो या उसने आसपास किसी संदिग्ध गतिविधि को देखा हो, तो तत्काल पुलिस को 112 पर सूचना दें।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता नवजात की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ उसे छोड़ने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान करना है।
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