ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM
पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा के आवास के सामने हुई घटना; पीडब्ल्यूडी ने शुरू कराया मरम्मत कार्य, अधिकारियों ने बताया—नीचे पानी के रिसाव से कमजोर हुई जमीन
2 सितंबर 2026 लखनऊ: राजधानी लखनऊ में हुई तेज बारिश के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क धंसने से मौके पर करीब 10 से 15 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना उस सड़क पर हुई जो पूर्व उपमुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा के आवास के सामने स्थित है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह स्थान एलईएसए सब-स्टेशन के सामने, उनके आवास से करीब 10 मीटर की दूरी पर बताया गया था।
सड़क धंसने की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित हुई और गड्ढे को भरने तथा सड़क को दुरुस्त करने का काम शुरू कराया गया। अधिकारियों ने मरम्मत में कई दिन लगने की बात कही थी।
नीचे से पानी के रिसाव को बताया गया संभावित कारण
अधिकारियों के अनुसार सड़क के नीचे पानी के रिसाव के कारण मिट्टी कमजोर होने और उसके खिसकने से सड़क का हिस्सा धंसने की स्थिति बनी। इस तरह की घटनाओं में भूमिगत सीवर या ड्रेनेज लाइन में रिसाव से आसपास की मिट्टी के कटाव का खतरा बढ़ जाता है।
लखनऊ में बारिश के बाद सड़क धंसने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। एक अन्य रिपोर्ट में भी शहर के गीतापल्ली इलाके में बारिश के बाद सड़क धंसने और संभावित सीवर लाइन लीकेज की आशंका जताई गई थी।
“बड़ा हादसा टला”, लेकिन बाइक सवार के गिरने की पुष्टि नहीं
घटना के बाद कई समाचार रिपोर्टों में इसे बड़ा हादसा टलने के तौर पर बताया गया। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में इस विशेष घटना के दौरान किसी बाइक सवार के गड्ढे में गिरने की स्पष्ट पुष्टि नहीं मिलती। घटना दिन के समय सामने आई थी और मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई थी, इसलिए रात के अंधेरे में किसी व्यक्ति के बिना दिखाई दिए गड्ढे में गिरने वाली बात इस घटना से मेल नहीं खाती।
ऐसे में घटना से जुड़ी जानकारी देते समय अपुष्ट दावों के बजाय उपलब्ध आधिकारिक और समाचार स्रोतों पर आधारित तथ्यों को ही प्राथमिकता देना जरूरी है।
बार-बार धंसती सड़कें बढ़ा रही हैं सवाल
लखनऊ में सड़क धंसने की घटनाएं शहर के भूमिगत बुनियादी ढांचे और सड़क रखरखाव को लेकर सवाल खड़े करती रही हैं। कमजोर मिट्टी, पुरानी या क्षतिग्रस्त पाइपलाइन, सीवर-ड्रेनेज में लीकेज तथा अलग-अलग एजेंसियों द्वारा की जाने वाली खुदाई इसके संभावित कारणों में शामिल हो सकते हैं।
ऐसे मामलों में केवल गड्ढा भर देना स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता। भूमिगत पाइपलाइन, सीवर और जल निकासी व्यवस्था की तकनीकी जांच के साथ सड़क की संरचनात्मक मजबूती का आकलन भी जरूरी है।
“स्पेस टेक्नोलॉजी से सुरंग” के दावे पर सवाल
घटना को लेकर सोशल मीडिया या चर्चाओं में “स्पेस टेक्नोलॉजी से सुरंग” जैसी बातें भी सामने आती रही हैं। हालांकि उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में ऐसी किसी तकनीक या गुप्त सुरंग की पुष्टि नहीं है। सड़क धंसने की घटना को अधिकारियों द्वारा बताए गए पानी के रिसाव और जमीन के कमजोर होने जैसे सामान्य सिविल इंजीनियरिंग कारणों के संदर्भ में ही देखा जाना अधिक उचित है।
निष्कर्ष: लखनऊ विश्वविद्यालय के पास सड़क धंसने की घटना ने राजधानी के सड़क और भूमिगत ड्रेनेज ढांचे की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। गनीमत रही कि इस घटना में किसी बड़े जनहानि की पुष्टि नहीं हुई। घटना यह भी बताती है कि बारिश से पहले और बाद में संवेदनशील सड़कों तथा भूमिगत पाइपलाइनों की नियमित जांच कितनी जरूरी है।
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