कानपुर: कूड़े के ढेर पर फेंकी गईं एक्सपायर्ड चॉकलेट-टॉफियां, उठाने के लिए लोगों में मची होड़; पुलिस जांच में जुटी

उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य

ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|Dilli Times Media
कानपुर, 25 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। शहर के पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में हाईवे किनारे कूड़े के ढेर पर बड़ी मात्रा में एक्सपायरी डेट वाली चॉकलेट, टॉफी और बिस्किट के डिब्बे फेंके गए। इसकी जानकारी फैलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और उन्हें उठाकर ले जाने लगे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पुलिस के अनुसार, घटना एलएमएल चौराहे से थम्सअप चौराहे के बीच स्थित फर्टिलाइजर फैक्ट्री के पीछे हाईवे किनारे की है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग थैलों, बोरियों और गत्ते के डिब्बों में सामान भर-भरकर ले जा रहे हैं। कुछ लोग पूरे डिब्बे कंधे पर उठाकर भागते नजर आए। दावा किया जा रहा है कि करीब एक ट्रक भर माल कुछ ही देर में साफ हो गया।

स्थानीय लोगों और वीडियो बनाने वालों का कहना है कि इन उत्पादों की एक्सपायरी डेट काफी पहले (कुछ रिपोर्टों में 2024 का जिक्र) हो चुकी थी। किसी कंपनी या व्यापारी द्वारा इन्हें खुले में फेंक दिया गया था। FSSAI नियमों के तहत एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों का सुरक्षित निस्तारण करना अनिवार्य है, लेकिन यहां इन्हें कूड़े के ढेर पर छोड़ दिया गया।
पुलिस ने लिया संज्ञान
कानपुर नगर पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। डीसीपी वेस्ट कासिम आबिदी ने बताया, एक्सपायरी डेट के चॉकलेट का वीडियो हमारे संज्ञान में आया है। पनकी थाना प्रभारी को जांच का आदेश दिया गया है। ऐसे खाद्य पदार्थ खाने से स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। जांच के बाद मामले में एफआईआर दर्ज की जाएगी।

कानपुर नगर पुलिस के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया पनकी थाना क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में हाईवे किनारे कुछ एक्सपायर्ड टॉफी और चॉकलेट पड़ी मिलीं, जिन्हें लोगों ने उठा लिया। मौके से मिट्टी सने और फटे हुए रैपर बरामद किए गए हैं। प्रकरण की जांच कर संबंधित पक्षों से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
स्वास्थ्य और जागरूकता पर सवाल
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सपायर्ड चॉकलेट और टॉफियां खाने से फूड पॉइजनिंग, पेट की गंभीर बीमारियां या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस घटना पर चिंता जताई है। कुछ ने गरीबी और जागरूकता की कमी को जिम्मेदार ठहराया, तो कुछ ने कंपनियों की लापरवाही पर सवाल उठाए।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ये उत्पाद किस कंपनी के थे और उन्हें किसने फेंका। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) तथा स्थानीय प्रशासन से भी जांच की उम्मीद की जा रही है।
यह घटना न केवल खाद्य पदार्थों के सुरक्षित निस्तारण के नियमों के उल्लंघन को उजागर करती है, बल्कि आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत भी बताती है। पुलिस जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा है।

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