संजीव कुमार भाटी ग्रेटर नोएडा|DTM
10 प्रतिशत विकसित आवासीय प्लॉट, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा समेत कई मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन तेज
ग्रेटर नोएडा, 14 सितंबर 2026। गौतमबुद्ध नगर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के खिलाफ किसानों का आंदोलन सोमवार को बड़े प्रदर्शन में तब्दील हो गया। विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान प्राधिकरण कार्यालयों पर पहुंचे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर चल रहे किसान सभा के धरने ने सोमवार को महापंचायत का रूप ले लिया। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे और किसानों के समर्थन में धरने में शामिल हुए।
किसानों की प्रमुख मांगों में 10 प्रतिशत विकसित आवासीय प्लॉट, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा, आबादी से जुड़े मामलों का निस्तारण, 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करना, सर्किल रेट में बढ़ोतरी तथा लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान शामिल है।
किसानों का कहना है कि ये मांगें पुराने भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों की लंबे समय से चली आ रही हैं। किसानों के मुताबिक कुछ मामलों में 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे को लेकर सरकार और प्राधिकरण स्तर पर प्रावधान किए गए हैं, लेकिन इसका पूरी तरह से लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह 10 प्रतिशत विकसित आवासीय प्लॉट और आबादी संबंधी मामलों का निस्तारण भी किसानों के लिए प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।
राकेश टिकैत ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रेटर नोएडा पहुंचे राकेश टिकैत ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह उनके हक की लड़ाई है और इसे आखिरी दम तक जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्राधिकरण किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेते हैं तो किसान यहीं टेंट लगाकर धरना जारी रखेंगे।
टिकैत ने कहा कि पहले भी किसानों के धरने को खत्म कराने की कोशिशें की गई हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 24 सितंबर तक आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी।
भारी पुलिस बल तैनात, बैरियर और जेसीबी-डंपर भी लगाए गए
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरियर लगाए गए हैं। मौके पर जेसीबी और डंपर भी तैनात किए गए हैं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए हैं, वहीं महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।
भाकियू के जोनल अध्यक्षों की ओर से अलग-अलग प्राधिकरण क्षेत्रों में किसानों के प्रदर्शन का नेतृत्व किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
समाधान नहीं निकलने से बढ़ा किसानों का आक्रोश
फिलहाल प्राधिकरण की ओर से किसानों की सभी प्रमुख मांगों पर कोई बड़ा आधिकारिक समाधान सामने नहीं आया है। ऐसे में किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। आंदोलन के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए आने वाले दिनों में गौतमबुद्ध नगर में किसान आंदोलन के और तेज होने की संभावना है।
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