ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM
गाजियाबाद की गौर सिद्धार्थम सोसाइटी में 15वीं मंजिल से गिरने की घटना, पुलिस ने शुरू की जांच
16 सितंबर 2026 गाजियाबाद: गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र स्थित गौर सिद्धार्थम सोसाइटी में मंगलवार शाम कक्षा 10 की एक छात्रा की 15वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। मृतका की पहचान शनाया बिष्ट के रूप में हुई है। वह इंदिरापुरम पब्लिक स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा थी। घटना के बाद सोसाइटी में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रा को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना डायल-112 के माध्यम से मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस को छात्रा का कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे कब्जे में लेकर उसकी जांच की जा रही है।
सुसाइड नोट में पढ़ाई के दबाव का जिक्र
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुसाइड नोट में छात्रा ने अपने इस कदम के पीछे पढ़ाई के दबाव का उल्लेख किया है। नोट में उसने किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया और खुद को ही जिम्मेदार बताया। छात्रा ने अपने माता-पिता के लिए भावुक संदेश भी लिखा। उसने कहा कि वह अपने मम्मी-पापा से बहुत प्यार करती है।
रिपोर्टों के मुताबिक, छात्रा ने अपनी छोटी बहन रिद्धि के भविष्य को लेकर भी माता-पिता से अपील की। उसने परिवार से अपनी बहन के भविष्य का ध्यान रखने की बात कही। हालांकि पुलिस अभी सुसाइड नोट की जांच कर रही है और जांच पूरी होने से पहले इसे घटना का अंतिम कारण मानना उचित नहीं होगा।
घटना से पहले सामान्य थी गतिविधियां
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले शनाया ने अपने पिता के लिए खाना बनाया था और उन्हें चाय भी दी थी। इसके बाद कुछ ही समय में यह दुखद घटना हो गई। जानकारी मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। छात्रा की मां की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाने की जानकारी भी सामने आई है।घटना के बाद सोसाइटी में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच
पुलिस सुसाइड नोट, घटनास्थल और परिवार से मिली जानकारी के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले छात्रा किन परिस्थितियों से गुजर रही थी और क्या पढ़ाई से संबंधित कोई अतिरिक्त दबाव उसके सामने था।
घटना ने एक बार फिर किशोर विद्यार्थियों पर पढ़ाई और परीक्षा से जुड़े दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों के व्यवहार में तनाव या अत्यधिक दबाव के संकेत दिखाई देने पर परिवार और शिक्षकों को उनके साथ संवाद बढ़ाना चाहिए।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और घटना के वास्तविक कारणों को लेकर पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
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