कानपुर: चावल में रंग मिलाकर बन रही थी नकली हल्दी, खाद्य विभाग ने मारा छापा; 5.86 लाख का माल जब्त

उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य

ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली| Dilli Times Media

कानपुर, 5 अगस्त 2026: शहर के पनकी क्षेत्र में मिलावटी मसालों के बड़े कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने मंगलवार को इस्पात नगर स्थित पीतांबरा इंटरप्राइजेज मसाला निर्माण इकाई पर छापा मारकर नकली हल्दी बनाने का खेल पकड़ा। जांच में पाया गया कि यहां साबुत हल्दी के बिना ही चावल के टूटे दानों में पीला रंग मिलाकर हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा था।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय संजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने अचानक निरीक्षण किया। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय वर्मा, उमाशंकर सिंह और रजनीश राय शामिल थे। निरीक्षण के दौरान परिसर में बड़े पैमाने पर हल्दी पाउडर का उत्पादन हो रहा था, लेकिन उत्पादन के लिए जरूरी साबुत हल्दी का एक भी टुकड़ा मौके से नहीं मिला। इसके स्थान पर चावल के टूटे हुए दानों को पीसकर उनमें हल्दी जैसा लिक्विड कलर मिलाया जा रहा था और उसी मिश्रण को हल्दी पाउडर के रूप में तैयार किया जा रहा था।
टीम ने मौके से 77 बोरी चावल के टूटे दाने, 42 बोरी नकली हल्दी पाउडर, 30 किलोग्राम पिसा धनिया, 30 किलोग्राम मिर्च पाउडर तथा 20 किलोग्राम संदिग्ध हल्दी मिश्रण जब्त किया। इसके अलावा मिर्च में मिलाने वाला रंग और हल्दी में इस्तेमाल होने वाला लिक्विड कलर भी बरामद हुआ। जब्त किए गए संदिग्ध स्टॉक की कुल कीमत लगभग 5 लाख 86 हजार 200 रुपये बताई गई है।
सहायक आयुक्त संजय प्रताप सिंह ने बताया कि टीम ने हल्दी पाउडर, लिक्विड कलर, चावल के टुकड़े, मिर्च पाउडर, रंग और धनिया पाउडर सहित कुल छह नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं। उन्होंने कहा, प्रयोगशाला रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने इकाई के संचालन पर अंकुश लगाने और लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारी मानते हैं कि ऐसे मामलों में प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही मिलावट की सटीक प्रकृति और उसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन संभव हो पाएगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान चला रहा है, फिर भी इस तरह के मामले सामने आना चिंता का विषय है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे मसाले खरीदते समय विश्वसनीय स्रोतों से ही खरीदारी करें और किसी भी संदेह की स्थिति में विभाग को सूचना दें।

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