नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने तीन-भाषा नीति को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति पर बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। बोर्ड ने साफ किया है कि नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और वर्तमान में पढ़ रहे छात्रों को बीच सत्र में भाषा बदलने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, कक्षा 7, 8 और 9 के वे छात्र जो पहले से किसी विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश आदि) के साथ पढ़ाई कर रहे हैं, वे कक्षा 10 तक अपना मौजूदा भाषा संयोजन जारी रख सकेंगे। इससे लाखों छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है।
CBSE ने यह भी स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों पर अतिरिक्त दबाव डालना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देना है। बोर्ड ने कहा कि किसी भी छात्र को नई व्यवस्था से नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
नई गाइडलाइन के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 में तीन भाषाओं का ढांचा लागू किया गया है, जिसमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होंगी। हालांकि, वर्तमान बैच के लिए संक्रमण को आसान बनाने हेतु विशेष छूट दी गई है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए क्या जरूरी है?
- स्कूल से अपनी वर्तमान भाषा स्थिति की पुष्टि करें
- यदि छात्र पहले से विदेशी भाषा पढ़ रहा है तो तत्काल बदलाव की जरूरत नहीं
- अगले सत्रों के लिए स्कूल द्वारा जारी भाषा विकल्पों पर नजर रखें
- आधिकारिक CBSE नोटिस और स्कूल अपडेट नियमित देखें
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