ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM
21 अक्टूबर 2026 ग्रेटर नोएडा: यमुना प्राधिकरण पर प्रस्तावित धरने से पहले बुधवार को पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में ले लिया। किसान नेता सुखबीर खलीफा और रुपेश वर्मा ने किसानों की लंबित मांगों को लेकर धरने का ऐलान किया था। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों के जुटने की तैयारी थी।
किसानों की प्रमुख मांगों में अधिग्रहीत जमीन के बदले 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और आबादी से जुड़े मामलों का पूर्ण निस्तारण शामिल है। किसान लंबे समय से इन मांगों को लेकर प्राधिकरण और प्रशासन से समाधान की मांग कर रहे हैं।
प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हुई पुलिस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हलचल बढ़ गई। किसानों को धरना स्थल तक पहुंचने से पहले हिरासत में लिए जाने की सूचना है। हालांकि, हिरासत में लिए गए किसानों की संख्या और उनकी रिहाई के संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
भूमि अधिग्रहण के बदले मुआवजे, विकसित भूखंडों के आवंटन और आबादी की जमीन से जुड़े लंबित प्रकरण गौतमबुद्ध नगर में किसान आंदोलनों के प्रमुख मुद्दे रहे हैं। किसानों की मांग है कि पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार लाभ दिया जाए और लंबित मामलों का जल्द निस्तारण हो।
अब निगाहें प्रशासन और यमुना प्राधिकरण के रुख पर हैं। किसानों की मांगों पर वार्ता होती है या आंदोलन आगे बढ़ता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
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