ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM
‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पुलिस की कार्रवाई, करीब 150 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर 2026: दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले हिरासत में ली गईं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को रिहा कर दिया गया है। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ निवारक कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस उन्हें स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष पेश करेगी।
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार शाम दोनों को एहतियातन हिरासत में लिया था। पुलिस के मुताबिक, यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया। नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रिहा किया गया, जबकि दिपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिपके को झंडेवालान स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया, जबकि बोरा को मंडी हाउस के पास प्रदर्शन के दौरान रोका गया। दोनों कनॉट प्लेस में प्रस्तावित तिरंगा मार्च में शामिल होने जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने करीब 150 प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया।
यह प्रदर्शन चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया जा रहा था। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने कार्रवाई के पीछे कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों को असुविधा से बचाने का तर्क दिया।
AISA और CJP ने हिरासत के दौरान वकीलों से मुलाकात नहीं कराने और हिरासत में लिए गए लोगों को अलग-अलग स्थानों पर ले जाने के आरोप भी लगाए। नेहा बोरा की रिहाई के बाद प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत आवाज उठाना अपराध नहीं माना जाना चाहिए।
दिपके की SEM कोर्ट में पेशी के बाद मामले में आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।
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