संजीव भाटी ग्रेटर नोएडा|DTM
ग्रेटर नोएडा में ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ का समापन, मुख्यमंत्री ने कहा—किसान जाति नहीं, अन्नदाता है; युवाओं को अवसर और महिलाओं को समान सम्मान जरूरी
ग्रेटर नोएडा, 20 सितंबर 2026: गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय वैचारिक महोत्सव ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ का रविवार को समापन हुआ। समापन समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की वास्तविकता और आत्मा सनातन परंपरा में बसती है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऋषि परंपरा, देवी-देवताओं, तीर्थों और पूर्वजों की विरासत पर गर्व करता है।
कार्यक्रम की थीम ‘उत्कर्ष—नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन परंपरा में विचारों की स्वीकार्यता रही है और कहीं से भी अच्छे विचार आएं तो उनका स्वागत किया जाता है। उन्होंने सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना को भी रेखांकित किया।
नारी सम्मान को बताया संस्कार का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बुजुर्गों का सम्मान भारतीय संस्कृति और संस्कार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। महिलाओं के साथ किसी भी स्तर पर भेदभाव स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्हें समान अवसर, सुरक्षा और सम्मान मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अपराध, अत्याचार और शोषण की रोकथाम के लिए जागरूकता के साथ प्रभावी कानून भी आवश्यक हैं।
‘किसान जाति नहीं, अन्नदाता है’
किसानों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान किसी जाति का नहीं, बल्कि अन्नदाता है। उसे सम्मान, उचित बाजार और सरकारी योजनाओं से जुड़ने का अवसर मिलना चाहिए। वहीं युवाओं को देश की शक्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि सही अवसर और मंच मिलने पर युवा भारत का नाम दुनिया में रोशन कर सकते हैं।
तीन महिला पीएसी वाहिनियों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में गठित तीन अतिरिक्त महिला पीएसी वाहिनियों का उल्लेख किया। दस्तावेज के अनुसार ये वाहिनियां वीरांगना ऊदा देवी, झलकारी बाई और अवंतीबाई लोधी के नाम पर लखनऊ, गोरखपुर और बदायूं में स्थापित हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा, अंतरिक्ष और पुलिस समेत विभिन्न क्षेत्रों में बेटियों ने देश का गौरव बढ़ाया है।
108 कुंडीय यज्ञ से हुआ था शुभारंभ
कार्यक्रम का आयोजन प्रेरणा शोध संस्थान न्यास और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। 19 सितंबर को 108 कुंडीय ‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ’ के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें लगभग 1,200 महिलाओं ने भाग लिया। समापन समारोह में बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं उपस्थित रहीं।
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