ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM
नोएडा/गौतमबुद्धनगर, 10 सितंबर। गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में पहली बार हृदय प्रत्यारोपण के लिए ग्रीन कॉरिडोर का सफल प्रयोग किया गया। बुधवार को यातायात पुलिस ने गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट से नोएडा सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल तक लगभग 20 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जीवित हृदय को महज 16 मिनट में सुरक्षित पहुंचाया। इससे एक गंभीर हृदय रोगी को नया जीवन मिला।
फोर्टिस हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम चंडीगढ़ के आर्मी कमांड अस्पताल से ब्रेन डेड महिला का हृदय लेकर एयर एंबुलेंस के जरिए हिंडन एयरपोर्ट पहुंची। दोपहर करीब दो बजे हृदय को एंबुलेंस में रखा गया और ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से फोर्टिस अस्पताल भेज दिया गया। इस पूरे ऑपरेशन में गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर की यातायात पुलिस ने समन्वय करते हुए सैकड़ों पुलिसकर्मियों को तैनात किया।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने इस सफल प्रयास पर टीम को बधाई दी। डीसीपी (ट्रैफिक) अभय कुमार मिश्र ने बताया कि अस्पताल से अनुरोध मिलते ही ग्रीन कॉरिडोर तैयार कर लिया गया था। मार्ग पर यातायात को नियंत्रित कर एंबुलेंस को निर्बाध रास्ता उपलब्ध कराया गया।
फोर्टिस हार्ट एंड वैस्कुलर इंस्टीट्यूट के चेयरमैन डॉ. अजय कौल के अनुसार, मरीज की हालत पहले बहुत गंभीर थी। हृदय का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण कर दिया गया है और मरीज की स्थिति स्थिर है। दानदाता महिला के परिजनों ने अंगदान की अनुमति देकर कई रोगियों को जीवनदान दिया। हृदय के अलावा उनकी किडनी और लीवर भी दान किए गए।
यह घटना गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस और चिकित्सकीय टीम के बेहतर तालमेल से हृदय की सीमित समय सीमा के भीतर प्रत्यारोपण संभव हो सका। अस्पताल प्रबंधन और मरीज के परिजनों ने पुलिस के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है।
यह greencorridor की सफलता अंगदान और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक साबित होगी।
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