मेरठ में नकली सिगरेट फैक्ट्री का भंडाफोड़, करोड़ों का माल बरामद

उत्तर प्रदेश दिल्ली

ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM

मेरठ/हस्तिनापुर | 5 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस और सिगरेट निर्माता कंपनी आईटीसी की जांच टीम ने एक बड़े अवैध सिगरेट निर्माण केंद्र का भंडाफोड़ किया है। हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के दूधली खादर गांव में बंद पड़े स्कूल/कॉलेज भवन में आईटीसी के लोकप्रिय ब्रांडों की नकली सिगरेट तैयार की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार और अधबनी सिगरेट, कच्चा माल, पैकिंग सामग्री और मशीनें बरामद की गईं। मामले में दिल्ली निवासी रवि किशोर को गिरफ्तार किया गया है।

दिल्ली के सदर बाजार से मिला सुराग

जांच की शुरुआत दिल्ली के सदर बाजार से हुई। आईटीसी की जांच टीम ने वहां एक कंटेनर पकड़ा था, जिसमें नकली सिगरेट की पैकिंग सामग्री और तैयार माल होने का संदेह था। कंटेनर से मिले सुराग के आधार पर टीम मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र तक पहुंची। पुलिस के अनुसार 3 सितंबर 2026 की देर रात कार्रवाई की गई। बताया गया कि भवन का गेट केवल कंटेनर के आने-जाने के दौरान खोला जाता था, जिसके चलते अवैध फैक्ट्री लंबे समय तक छिपी रही।

इन ब्रांडों की बनाई जा रही थी नकली सिगरेट

जांच के अनुसार फैक्ट्री में आईटीसी के कई प्रमुख ब्रांडों की नकल तैयार की जा रही थी। इनमें गोल्ड फ्लेक (प्रीमियम और ब्लैक), क्लासिक, विल्स नेवी कट, इंडिया किंग्स, सिजर्स, इंसिग्निया, प्लेयर्स और ब्रिस्टल शामिल बताए गए हैं।

रोजाना करीब 50 लाख सिगरेट के उत्पादन का दावा

जांच में दावा किया गया है कि इस अवैध इकाई में रोजाना करीब 50 लाख सिगरेट या लगभग इतनी ही कीमत का माल तैयार किया जाता था। तैयार माल की सप्लाई उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश तक किए जाने की बात सामने आई है।

जांच में यह भी सामने आया कि सिगरेट के रैपर कंबोडिया से मंगाए जा रहे थे, जबकि घटिया गुणवत्ता वाला तंबाकू राजस्थान से लाया जाता था। हस्तिनापुर की इकाई में पैकिंग और अंतिम निर्माण किया जाता था। रिपोर्ट के अनुसार फैक्ट्री पिछले कुछ महीनों से संचालित हो रही थी और मशीनें विदेश से मंगाई गई थीं।

डेढ़ करोड़ का तैयार माल, कुल बरामदगी कई करोड़

छापेमारी में तैयार और अधबनी सिगरेट के साथ रैपर, फिल्टर, तंबाकू, पैकिंग सामग्री और स्वचालित मशीनें बरामद हुईं। विभिन्न रिपोर्टों में तैयार माल की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि कच्चे माल और मशीनरी को जोड़ने पर कुल बरामदगी कई करोड़ रुपये आंकी गई है। कुछ आंकड़ों में पूरे सेटअप की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये तक बताई गई है।

फैक्ट्री के संचालन के आरोप में गिरफ्तार रवि किशोर को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। छापे के दौरान कुछ कर्मचारी भी मौके पर मिले, जिनसे पूछताछ की जा रही है। जांच के अनुसार इकाई के पास कोई वैध लाइसेंस या जीएसटी पंजीकरण नहीं था।

सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है। दिल्ली से जुड़े अन्य ठिकानों, कंटेनर के रास्ते और विभिन्न राज्यों में मौजूद संभावित वितरकों की पहचान की जा रही है। नकली सिगरेट से ट्रेडमार्क और उत्पाद शुल्क संबंधी नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ घटिया तंबाकू और अनियंत्रित निर्माण के कारण उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर भी जोखिम की आशंका जताई गई है।

आईटीसी की जांच टीम द्वारा अपने ब्रांडों की नकल के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई किए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है। बरामदगी की कुल कीमत को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में भिन्न आंकड़े सामने आए हैं।

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