13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद IAS दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा, सोशल मीडिया पोस्ट में बयां की भावनाएं

उत्तर प्रदेश लाइफस्टाइल

ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM

लखनऊ | 30 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी दिव्या मित्तल ने करीब 13 वर्षों की प्रशासनिक सेवा के बाद स्वेच्छा से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को अपना त्यागपत्र सौंपा। इस्तीफे के बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने फैसले की जानकारी साझा करते हुए प्रशासनिक सेवा के दौरान के अनुभवों और यादों को भावुक अंदाज में बयां किया।

इस्तीफा देने के समय दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थीं। इससे पहले वह जुलाई 2024 से मई 2026 तक देवरिया की जिलाधिकारी रहीं। इसके बाद प्रशासनिक फेरबदल के दौरान उन्हें राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनाती दी गई थी।

देश लौटने के लिए छोड़ी विदेश की नौकरी

अपने संदेश में दिव्या मित्तल ने अपने करियर की शुरुआत और आईएएस बनने के सफर का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से शिक्षा पूरी करने के बाद उन्हें लंदन में नौकरी मिली थी, लेकिन देश से दूर रहना उन्हें हमेशा खलता रहा। इसी भावना के चलते उन्होंने भारत लौटकर देश की सेवा करने का फैसला किया।

उन्होंने अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान मिर्जापुर और देवरिया में मिले अनुभवों को भी याद किया। उनके अनुसार, देवरिया ने उन्हें सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना केवल विकल्प नहीं, बल्कि कर्तव्य है, जबकि मिर्जापुर ने यह विश्वास दिया कि ‘असंभव’ केवल एक राय है।

लहुरिया दह की बुजुर्ग महिला का आशीर्वाद रहा यादगार

दिव्या मित्तल ने अपने कार्यकाल की सबसे भावुक यादों में लहुरिया दह की एक बुजुर्ग महिला का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि गांव में पहली बार पानी पहुंचने के बाद उस वृद्ध महिला ने उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया था।

उन्होंने लिखा, “पद तो आज छूट गया, पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा।”

पहले प्रयास में बनीं IPS, दूसरे प्रयास में IAS

हरियाणा के रेवाड़ी की मूल निवासी दिव्या मित्तल ने सिविल सेवा परीक्षा के अपने पहले प्रयास में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) हासिल की थी। इसके बाद दूसरे प्रयास में वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए चयनित हुईं।

अपने प्रशासनिक करियर के दौरान वह संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली।

सख्त प्रशासनिक कार्रवाई, राजस्व से जुड़े मामलों में कड़े फैसले, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पहुंचाने की पहल और जनप्रतिनिधियों के दबाव के बीच स्पष्ट एवं बेबाक रुख के चलते दिव्या मित्तल कई बार चर्चा में रहीं।

इस्तीफे की औपचारिक स्वीकृति अभी प्रक्रियाधीन

दिव्या मित्तल का इस्तीफा उनकी व्यक्तिगत इच्छा से दिया गया है। हालांकि, शासन स्तर पर उनके त्यागपत्र की औपचारिक स्वीकृति की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। उनके इस्तीफे के बाद आगे की भूमिका या भविष्य की योजना को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

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