रक्षाबंधन पर नरम पड़े कंगना रनौत और बाबा रामदेव के रिश्ते, मिठाई और उपहार भेजकर विवाद खत्म करने का दिया संदेश

दिल्ली राजनीति

ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|DTM

नई दिल्ली | 28 अगस्त 2026: अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत तथा योगगुरु बाबा रामदेव के बीच पिछले दिनों सामने आया विवाद रक्षाबंधन के मौके पर खत्म होता नजर आ रहा है। बाबा रामदेव ने रक्षाबंधन पर कंगना रनौत के लिए मिठाई और उपहार भेजे। इसके साथ एक सफेद लिफाफे में 500 रुपये के नोटों की गड्डी भी भेजी गई।

बाबा रामदेव ने इस मौके पर कहा कि समाज और देश में नफरत तथा वैर-भाव के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दोनों के बीच जो भी मतभेद हुए, उन्हें बातचीत और संवाद के जरिए समाप्त किया जाना चाहिए। रामदेव ने यह भी कहा कि वह कंगना को फोन कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देंगे।

कंगना ने स्वीकार किया ‘बड़े भाई’ का प्रेम

बाबा रामदेव के संदेश के बाद कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर उनका वीडियो साझा किया। कंगना ने लिखा कि त्योहार का दिन पुरानी भूल-चूक को माफ करने का अवसर होता है। उन्होंने बाबा रामदेव को अपना ‘भाई’ बताते हुए कहा कि विवाद के बजाय संवाद की बात अच्छी है।

कंगना ने लिखा, “त्योहार का दिन होता है सब भूल-चूक माफ करने के लिए। मेरे भाई बाबा रामदेव जी ने बहुत अच्छी बात कही कि विवाद नहीं, संवाद होना चाहिए। आज रक्षाबंधन के दिन मैं उनकी मिठाई और बड़े भाई का प्रेम, दोनों स्वीकार करती हूं।”

कैसे शुरू हुआ था विवाद?

कंगना रनौत और बाबा रामदेव के बीच विवाद की शुरुआत युवा और जेन-ज़ी प्रदर्शनकारियों को लेकर कंगना की टिप्पणी से हुई थी। कंगना के कथित तौर पर ‘गटर जेनरेशन’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर बाबा रामदेव ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद दोनों की ओर से एक-दूसरे पर व्यक्तिगत टिप्पणियां भी सामने आईं।

विवाद के दौरान बाबा रामदेव ने कंगना की योग्यता और उनके जीवन से जुड़े पहलुओं पर टिप्पणी की थी। इसके जवाब में कंगना ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बाबा रामदेव पर व्यक्तिगत टिप्पणी की थी। सोशल मीडिया पर दोनों के बयानों को लेकर काफी चर्चा हुई थी।

हालांकि, रक्षाबंधन के अवसर पर बाबा रामदेव द्वारा मिठाई और उपहार भेजने तथा कंगना द्वारा उनके ‘बड़े भाई’ के प्रेम को स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच रिश्तों में नरमी के संकेत मिले हैं।

‘विवाद नहीं, संवाद’ का संदेश

रक्षाबंधन के इस पूरे घटनाक्रम को पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर संवाद के जरिए रिश्ते सामान्य करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों की ओर से आए संदेशों से संकेत मिलता है कि फिलहाल वे पुराने विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय उसे समाप्त करने के पक्ष में हैं।

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