गुरुग्राम में एक घंटे की बारिश ने खोली मिलेनियम सिटी की पोल, सड़कें जलमग्न, यातायात ठप; कल के लिए वर्क फ्रॉम होम एडवाइजरी जारी

गुरुग्राम हरियाणा

ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली|Dilli Times Media
गुरुग्राम, 24 अगस्त 2026: देश के सबसे विकसित शहरों में शुमार ‘मिलेनियम सिटी’ गुरुग्राम सोमवार को महज एक घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद जलमग्न हो गया। करीब 70 मिलीमीटर वर्षा ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की कमजोरियों को एक बार फिर उजागर कर दिया। प्रमुख सड़कों और अंडरपासों पर दो से तीन फीट तक पानी भरने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
जिला प्रशासन के अनुसार दोपहर 1:30 बजे तक गुरुग्राम में 70 मिमी बारिश दर्ज की गई। राजीव चौक, इफको चौक, रेलवे रोड, सेक्टर-5, ओल्ड दिल्ली रोड, महरौली रोड, बसई रोड, गोल्फ कोर्स रोड, सोहना रोड और दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे समेत कई इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। साइबर हब के पास एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया, जबकि शीतला माता रोड पर भी भारी जलभराव देखा गया।
वाहन घंटों पानी में फंसे रहे। कई जगह यात्रियों को घुटनों-कमर तक पानी में पैदल निकलना पड़ा। स्कूल बसें और एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। सोशल मीडिया पर शहर की चमकदार इमारतों और लग्जरी इलाकों में पानी भरे सड़कों के वीडियो तेजी से वायरल हुए।
हालात को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सोमवार शाम को एडवाइजरी जारी की। इसमें सभी कॉरपोरेट ऑफिसों, सरकारी व निजी स्कूलों और संस्थानों से कहा गया है कि 25 अगस्त को कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम और छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं की अनुमति दें, ताकि सड़कों की मरम्मत और नालों की सफाई आसानी से हो सके।
गुरुग्राम को अक्सर देश के टॉप-5 विकसित शहरों में गिना जाता है। यहां बहुराष्ट्रीय कंपनियों के ऑफिस, लग्जरी आवासीय परिसर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर हैं। फिर भी हर मानसून में जलभराव की समस्या दोहराई जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से हुए शहरीकरण के साथ जलनिकासी व्यवस्था का विकास नहीं हो पाया है। नाले अवरुद्ध रहना, अंडरपासों का बार-बार पानी में डूबा रहना और योजनाबद्ध ड्रेनेज सिस्टम की कमी मुख्य कारण बताए जाते हैं।
नगर निगम और गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अधिकारी प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर रहे हैं। पंप लगाकर पानी निकालने का काम जारी है। यातायात पुलिस ने जाम नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।
यह घटना फिर याद दिलाती है कि चमकदार ऊंची इमारतें और कॉरपोरेट हब ही विकास का पैमाना नहीं हो सकते। बुनियादी नागरिक सुविधाएं, खासकर प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था, किसी भी आधुनिक शहर की असली पहचान होती है। गुरुग्राम के निवासी एक बार फिर उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार प्रशासन लंबे समय के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।

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